
Ramlalla की आंखों पर क्यों बांधी गई पट्टी? प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े 5 सवाल, जिनके दिलचस्प जवाब
Edited By Khushbu Goyal

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Ayodhya Ram Mandir Ram Lalla Pran Pratishtha: अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी आखिरी चरणों में हैं। आज प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का छठा दिन है। आज राम मंदिर में स्थापित किए गए देवताओं का पूजन, हवन, पारायण, आदि कार्य, प्रातः मध्वाधिवास किया जाएगा।
रामलला की मूर्ति का 114 कलशों के विविध औषधियुक्त जल से स्नपन, महापूजा, उत्सवमूर्ति की प्रासाद परिक्रमा, शय्याधिवास, तत्लन्यास, महान्यास आदिन्यास, शान्तिक-पौष्टिक-अघोर होम, व्याहति होम, रात्रि जागरण, पूजन एवं आरती होगी।
अब जानिए प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े वो 5 सवाल, जिनका जवाब हर कोई जानना चाहेगा, जैसे रामलला की आंखें कवर क्यों की गईं? रामलला प्रतिमा में अकेले क्यों हैं?
आज दिनांक 20 जनवरी 2024 को मण्डप में नित्य पूजन, हवन, पारायण आदि कार्य भव्यता से संपन्न हुए। प्रातः भगवान् का शर्कराधिवास, फलाधिवास हुआ। मन्दिर के प्रांगण में 81 कलशों की स्थापना एवं पूजा हुई। 81 कलशों से प्रासाद का स्नपन मन्त्रों से भव्य रूप में सम्पन्न हुआ। प्रासाद अधिवासन,… pic.twitter.com/FvU1axRBZD
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) January 20, 2024
शरीर का ऊर्जा और तेज का केंद्र आंखें होती हैं। राम मंदिर में मंत्रोच्चारण के साथ अनुष्ठान चल रहा है। मंत्रों के उच्चारण से प्रतिमा में देवता का वास हो जाता है। देव का तेज नेत्रों में झलकने लगता है, लेकिन महाआरती से पहले प्रतिमा की आंखें खुली रहने से शास्त्र विधि का लोप हो जाएगा और प्राण प्रतिष्ठा पूरी नहीं होगी। इसलिए महाआरती के बाद जब प्राण प्रतिष्ठा स्पेशल मंत्रों का उच्चारण होगा और आंखों की पट्टी खोली जाएगी तो देव का तेज आंखों से पूरी प्रतिमा में उतर जाएगा।
श्री रामलला सरकार के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पांचवे दिन के कार्यक्रमों का श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर से सीधा प्रसारण
LIVE Webcast of 5th day rituals of Prana Pratishtha Mahotsav of Shri Ramlalla Sarkar, from Shri Ram Janmabhoomi Mandir complex
https://t.co/uvLPNBXKRt— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) January 20, 2024
जब रामलला की आंखों पर बंधी पट्टी खुलेगी तो जो तेज, ऊर्जा, तरंगें उनकी आंखों में होंगी, उसका ताप सहने के लिए उनकी आंखों के आगे पहने आईना लाया जाएगा। उस ऊर्जा और तरंगों को देव के अलावा कोई नहीं देख पाएगा और इनका ताप भी उनके सिवा कोई नहीं सह पाएगा। वहीं अगर इस दौरान दर्पण टूट जाएगा तो माना जाएगा कि प्रतिमा में देवता का वास हो चुका है।
रामलला प्रतिमा में अकेले क्यों, रंग काला क्यों?
प्रतिमा में रामलला अकेले हैं, क्योंकि राम जन्मभूमि अयोध्या में श्रीराम के बाल स्वरूप की ही पूजा होती आई है, इसलिए प्रतिमा भी रामलला के बाल स्वरूप की है और वे प्रतिमा में अकेले ही दिखाए गए हैं। दूसरी ओर, वाल्मीकि रचित रामायण में रामलला के श्यामल रंग का वर्णन किया गया है, इसलिए प्रतिमा काले रंग के पत्थर से बनाई गई है।
6. The garbha griha with the idol of Ram Lalla will be on the first floor pic.twitter.com/5rxPKwcAAV
— Ankita (@AnkitaBnsl) January 21, 2024
22 जनवरी को गर्भगृह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला की आंखों में सूरमा भी डालेंगे, लेकिन सूरमा क्यों डाला जाएगा? दरअसल आयुर्वेद में आंखों की रोशनी के लिए सूरमा को अनिवार्य बताया गया है। जैसे बच्चों को नजर लगने से बचाने के लिए मां काला टीका लगाती है। आंखों में सूरमा डालती है। उसी तरह रामलला को भी नजर लगने से बचाने के लिए आंखों में सूरमा डाला जाएगा। वैसे परपंरा देव की आंखों में सूरमा डालने की रही है।
मूर्तियां पत्थर की बनाई जाती हैं तो पत्थर की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा क्यों की जाएगी? पत्थर में जीवन शक्ति क्यों आएगी? क्योंकि शास्त्रों के अनुसार, पत्थर की प्रतिमा को देख सकते हैं, लेकिन उसकी पूजा नहीं की जा सकती, इसलिए मंत्रों का उच्चारण करके प्रतिमा में प्राण शक्ति का आह्वान किया जाता है। प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद प्रतिमा पूजा करने योग्य हो जाती है। इसलिए रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है।
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