देश में रसोई गैस की कमी को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चल रही अफवाहों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा रुख अपनाया है. गुरुवार को NXT समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने LPG की स्थिति पर पैनिक फैलाने वालों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने साफ कहा कि “कुछ लोग LPG पर पैनिक फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. बिना किसी राजनीतिक मुद्दे के मैं कह रहा हूं कि वे न सिर्फ खुद को लोगों के सामने उजागर कर रहे हैं बल्कि देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं.”
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से कोई भी देश अछूता नहीं है, लेकिन भारत सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ लोग मौजूदा स्थिति का फायदा उठाकर कुछ प्रोडक्ट्स की ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं. ऐसे बेईमान तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
समिट में पीएम मोदी ने जोर दिया कि पश्चिम एशिया के संघर्ष से पैदा हुए इस संकट से निपटने में हर किसी की अहम भूमिका है- चाहे वो राजनीतिक दल हों, मीडिया हो, युवा हों, शहर हों या गांव. उन्होंने कहा कि कई वैश्विक संकटों के बावजूद दुनिया के नेता और विशेषज्ञ भारत की ओर बड़ी उम्मीद से देख रहे हैं, जिससे भारत की जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं.
पीएम मोदी ने कहा, “आज पूरी दुनिया जानती है कि अगर आप भविष्य का हिस्सा बनना चाहते हैं तो आपको भारत से जुड़ना होगा और भारत में रहना होगा.”
आत्मनिर्भरता पर जोर
PM मोदी ने पिछले 10 वर्षों के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 2014 तक देश में केवल 14 करोड़ एलपीजी कनेक्शन थे, जो आज बढ़कर 33 करोड़ से अधिक हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी विदेशी निर्भरता कम करने के लिए लगातार कदम उठा रहा है और देश किसी भी वैश्विक संकट से निपटने में पूरी तरह सक्षम है. उन्होंने आगे कहा, “एक लक्ष्य, एक मंजिल है- विकसित भारत. भारत सिर्फ आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि अगले स्तर पर जा रहा है.”
जनता से अपील
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि जैसे भारत ने एकजुट होकर कोविड-19 जैसी बड़ी महामारी को मात दी थी, वैसे ही हम इस ऊर्जा चुनौती से भी पार पा लेंगे. उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करने को कहा.










