Nandan Nilekani Task Force Members Detail: प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गठित रणनीतिक टास्क फोर्स की कमान टेक दिग्गज नंदन नीलेकणि को सौंपी गई है. इस टास्क फोर्स में भारत के 5 सबसे अनुभवी और प्रतिष्ठित चेहरों को शामिल किया गया है, जो सीधे नंदन नीलेकणि के साथ काम करेंगे. इन सदस्यों में अंतरिक्ष वैज्ञानिक एस. सोमनाथ, राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ तपन डेका, एआई व कंप्यूटर साइंस विशेषज्ञ वी. कामकोटि, नीतिगत व प्रशासनिक विशेषज्ञ अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं. यह टास्क फोर्स परीक्षा में धांधली रोकने, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पारदर्शी तकनीक लागू करने के लिए काम करेगी.
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हाई पावर्ड टास्क फोर्स के दिग्गज चेहरे
- नंदन नीलेकणि (इंफोसिस सह-संस्थापक, पूर्व UIDAI प्रमुख)
इंफोसिस के सह-संस्थापक और आधार कार्ड के शिल्पकार नंदन नीलेकणि इस टास्क फोर्स की अगुवाई करेंगे. उनके पास देश के सबसे बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने का अनुभव है. - एस. सोमनाथ (पूर्व अध्यक्ष, इसरो)
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ को इस कमेटी में शामिल किया गया है. वे जटिल और बड़े स्तर के अभियानों को सटीकता से पूरा करने की विशेषज्ञता लाएंगे. - तपन डेका (पूर्व निदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो)
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के पूर्व प्रमुख तपन डेका परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा, लीक रोकने की रणनीति और इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत करने में अहम योगदान देंगे. - प्रो. वी. कामकोटि (निदेशक, आईआईटी मद्रास)
आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि देश के जाने-माने कंप्यूटर वैज्ञानिक हैं. वे परीक्षा प्रणाली में आधुनिक और हैक-प्रूफ तकनीक के इस्तेमाल पर सुझाव देंगे. - अनीता करवाल (पूर्व शिक्षा सचिव)
पूर्व केंद्रीय शिक्षा सचिव अनीता करवाल को स्कूली शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था का गहरा अनुभव है. वे नीतिगत और व्यावहारिक स्तर पर सुधारों का खाका तैयार करेंगी. - अमृत लाल मीणा (लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ)
परीक्षा सामग्री को एक जगह से दूसरी जगह सुरक्षित पहुंचाने और सप्लाई चेन की सुरक्षा के लिए लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा को इसमें शामिल किया गया है.
भारत में आधार और UPI जैसा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) खड़ा करने वाले नंदन नीलेकणि के साथ देश की सुरक्षा, साइंस, डीप-टेक और एडमिनिस्ट्रेशन के शीर्ष प्रमुखों का एक मंच पर आना यह दर्शाता है कि यह टास्क फोर्स भारत के भावी डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चरल गवर्नेंस की नींव रखेगी.
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