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अटारी बॉर्डर बंद होने के बाद रिट्रीट सेरेमनी में भी बड़े बदलाव, अमृतसर से वीडियो आया सामने

अटारी बॉर्डर बंद होने के साथ ही बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी में भी बड़े बदलाव हो गए हैं। पंजाब में पाकिस्तान से जुड़े तीनों बॉर्डर पर सरकार के आदेशों का असर देखने का मिला। तीनों बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी पहली बार बदले-बदले से अंदाज में की गई।

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जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कड़े एक्शन ले रही है। अटारी बॉर्डर को बंद करने के आदेश भारत सरकार ने दिए। अटारी के साथ-साथ हुसैनीवाला और सदकी बॉर्डर भी बंद किया गया है। तीनों बॉर्डर पर होने वाली बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी में भी बड़े बदलाव किए गए, जिसकी झलक बीती शाम अटारी बॉर्डर पर भी देखने को मिली।

गुरुवार को अटारी बॉर्डर पर बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी बेहद सामान्य रही। बॉर्डर पर बने गेट नहीं खोले गए। BSF और पार्क रेंजर्स ने हाथ तक नहीं मिलाया। राष्ट्रीय ध्वज उतारने की सेरेमनी बिल्कुल शांत माहौल में संपन्न की गई। ऐसा आजादी के बाद पहली बार हुआ और इसके लिए पाकिस्तान जिम्मेदार है, जिसके नापाक इरादों ने दोनों देशों के बीच तनाव के हालात पैदा कर दिए।

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BSF जवानों ने पाक रेंजर्स से जताई नाराजगी

BSF पंजाब फ्रंटियर ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट लिखकर जानकार दी कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर पंजाब स्थित अटारी, हुसैनीवाला और सदकी बॉर्डर बंद कर दिए गए हैं। तीनों बॉर्डर होने वाली बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी के दौरान किए जाने वाले शौर्य प्रदर्शन को सीमित कर दिया गया है। ट्रेडिशनल बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का आकार छोटा किया गया है। अटारी बॉर्डर पर बनी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को तत्काल बंद कर दिया गया है।

पहलगाम में नृशंस आतंकवादी हमले को लेकर देशभर में लोगों का गुस्सा उबल रहा है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने भी बॉर्डर पर अपने पाकिस्तानी समकक्षों के समक्ष अपनी नाराजगी जाहिर की। न तो अटारी सीमा के द्वार खोले और न ही बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स से हाथ मिलाया। भारतीय दल के परेड कमांडर भी समारोह के दौरान अपने पाकिस्तानी समकक्ष से हाथ मिलाने के लिए आगे नहीं आए, जबकि बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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1959 से हर रोज का रिवाज रही है सेरेमनी

बता दें कि प्रोटोकॉल के अनुसार, हर शाम अटारी-वाघा बॉर्डर पर बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी होती है, जिसे देखने के लिए दोनों देशों के हजारों लोग बॉर्डर पर पहुंचते हैं। सेरेमनी के दौरान अटारी-वाघा सीमा पर दोनों देशों के बलों द्वारा सीमा द्वार खोले जाते हैं और पारंपरिक तरीके से हाथ मिलाए जाते हैं।

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इस दौरान दोनों सेनाओं के द्वारा शौर्य प्रदर्शन भी किया जाता है, लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद BSF ने पाक रेंजर्स को एक कड़ा संदेश भेजने का विकल्प चुना। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी वर्ष 1959 से दोनों देशों के बीच एक रिवाज रही है, लेकिन पाकिस्तान की नापाक हरकतों का असर इस पर पड़ा।

पाकिस्तान के खिलाफ भारत के 5 फैसले

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ 5 फैसले लिए। मोदी सरकार ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया। अटारी सीमा को बंद कर दिया। भारत में मौजूद पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया। इस्लामाबाद में भारतीय मिशन के साथ-साथ नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या में कटौती की।

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भारत और पाकिस्तान के बीच बनी एकमात्र स्थलीय सीमा, अटारी स्थित एकीकृत चेक पोस्ट को भी तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया। भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले का बदला लेने की कसम खाई है और बदला लेकर रहेंगे।

 

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First published on: Apr 25, 2025 07:14 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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