Operation Sindoor: पहलगाम आतंकी हमले का भारत ने बदला ले लिया है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर करके पाकिस्तान और पीओके के 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस एयर अटैक में मसूद अजहर के परिवार के 10 लोग भी मारे गए हैं। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर फिलहाल तनाव का माहौल है, जिस कारण पूरा देश अलर्ट पर है। मगर इसके बावजूद ईरान के विदेश मंत्री अराघची मैत्री भारत के दो दिवसीय दौरे पर आए हुए हैं। आज वे हैदराबाद हाउस में एस. जयशंकर और राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मु से मिलेंगे।
भारत-ईरान मैत्री संधि
बता दें कि यह मुलाकात रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए हो रही है। भारत-ईरान मैत्री संधि की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसी स्थितियां बनी हुई हैं। इस द्विपक्षीय बैठक में दोनों देश अपने संबंधों के पहलुओं पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, संभावनाओं को तलाशने और मौजूदा संबंधों को और मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
इस्लामाबाद का दौरा भी किया
ईरानी दूतावास ने सोमवार को ईरान के विदेश मंत्री के भारत आने के बाद बताया है कि अराघची भारत से पहले इस्लामाबाद में भी रुके थे। यहां उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों से भी बातचीत की थी। पहलगाम हमले को लेकर उन्होंने 25 अप्रैल को एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर शांति बरतने की भी अपील की थी।
पाकिस्तान पर हुई स्ट्राइक पर बातचीत
पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर की मदद से आतंकियों के 9 ठिकानों को तबाह कर दिया है। आज ईरानी विदेश मंत्री से मुलाकात पर भारत-पाकिस्तान के बढ़ते तनाव को लेकर भी बातचीत हो सकती है। हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई देशों को इसकी सूचना और जरूरी जानकारी दे दी थी।
संयम बरतें दोनों देश- स्पेन
स्पेन ने दोनों देशों के तनाव पर चिंता जताते हुए संयम बरतने की अपील की है। यूरोपीय संघ और सहयोग मामलों के स्पेनिश विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से अलग-अलग बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।
बातचीत से सुलझाए मतभेद
बातचीत के बाद स्पेन की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया जिसमें अल्बेरेस ने कहा कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार के सैन्य टकराव से बचना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मतभेदों को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से सुलझाना चाहिए, न कि टकराव से। स्पेन ने इस दिशा में मध्यस्थता की पेशकश करते हुए कहा कि वह चाहे तो द्विपक्षीय रूप से या संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के भीतर दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।