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Namo Bharat मेट्रो से कितनी अलग और स्पेशल, ट्रेन के प्रीमियम और स्टैंडर्ड कोच में क्या अंतर?

Namo Bharat VS Matro Train: नमो भारत ट्रेन में 5 स्टैंडर्ड और एक प्रीमियम कोच होगा। आइए जानते हैं इन दोनों कोच में क्या अंतर है और दोनों में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी...

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Edited By : Khushbu Goyal Updated: Oct 21, 2023 09:34
Namo Bharat Train

Namo Bharat VS Matro Train: देश की पहली हाई स्पीड ट्रेन मिनी बुलेट ट्रेन ‘नमो भारत’ दौड़ने लगी है। इसमें सफर भी शुरू हो चुका है। वहीं यह ट्रेन अपने आप में बेहद खास और लग्जरी है। इसकी कई खासियतें इसे मेट्रो और वंदे भारत से अलग बनाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर को देश को पहली हाई स्पीड रैपिड ट्रेन की सौगात दी। PM मोदी ने साहिबाबाद और दुहाई डिपो स्टेशन को जोड़ने वाली को हरी झंडी दिखाई, जो भारत में ‘रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ (RRTS) की शुरुआत है। इस ट्रेन को ‘नमो भारत’ नाम दिया गया है। यह ट्रेन दिल्ली से मेरठ के बीच 82 किलोमीटर के रूट पर चलेगी। ट्रेन में 5 स्टैंडर्ड और एक प्रीमियम कोच होगा। आइए जानते हैं इन दोनों कोच में क्या अंतर है…

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प्रीमियम कोच में यह सुविधाएं मिलेंगी

हाईटेक नमो भारत ट्रेन के प्रीमियम कोच की बात करें तो इसमें सीटों की संख्या 62 होगी। फुल रेस्ट करने की सुविधा मिलेगा। इसका न्यूनतम किराया 40 रुपये होगा। गाजियाबाद से गुलधर या दुहाई तक के सफर के 40 रुपये लगेंगे। साहिबाबाद से दुहाई तक 80 रुपये और दुहाई डिपो तक 100 रुपये किराया देना होगा। दुहाई डिपो से साहिबाबाद तक के सफर के लिए स्टैंडर्ड कोच में 50 रुपये और प्रीमियम कोच में 100 रुपये किराया देना होगा। इसमें यात्रियों को मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने की सुविधा मिलेगी। डायनेमिक रूट मैप, कोर्ट हैंगर, मैगजीन और पानी बॉटल होल्डर, फूड वेंडिंग मशीन भी कोच में लगी है। अटेंडेंट भी मिलेगा। सुरक्षा के लिहाज से इसमें पैनिक बटन भी होगा। इस कोच में सफर करने वालों के लिए लाउंज भी होगा।

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स्टैंडर्ड कोच में यात्रियों के लिए सुविधाएं

नमो भारत के स्टैंडर्ड कोच की बात करें तो इसमें 72 सीटें होंगी। न्यूनतम किराया 20 रुपये होगा। गाजियाबाद से गुलधर और दुहाई तक का किराया 20 रुपये होगा। साहिबाबाद से गाजियाबाद तक का किराया 30 रुपये होगा। इसमें भी यात्रियों को मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने की सुविधा मिलेगी, लेकिन कोर्ट हैंगर, मैगजीन और पानी बोतल होल्डर, फूड वेंडिंग मशीन की सुविधा नहीं मिलेगी। इस कोच में इमरजेंसी की स्थिति में अटेंडेट आएंगा। इसमें पैनिक बटन लगा है। लाउंज की सुविधा इस कोच के यात्रियों के लिए नहीं है, लेकिन ट्रेन का दरवाजा यात्री मैनुअली खोल सकेंगे। इसके अलावा इन 5 स्टैंडर्ड कोचों में से एक महिलाओं के लिए रिजर्व रहेगा। कोई पुरुष गलत से भी इसमें न चढ़ जाए, इसकी खास निगरानी की जाएगी।

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रैपिड रेल का शानदार लुक, हाई स्पीड और फीचर्स

नमो भारत 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। पुश बैक सीटें, बड़ी खिड़कियों के अलावा, हाई-टेक कोचों में डिजिटल स्क्रीन दी गई है। ट्रेन बुलेट जैसी दिखाई देती है। इसके दरवाजे मेट्रो की तरह खुलते और बंद होते हैं। ट्रेन की सीटें राजधानी ट्रेन जैसी लग्जरी हैं। अभी इसमें 6 कोच लगाए गए हैं। एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होगा और एक कोच प्रीमियम होगा। प्रीमियम कोच में रिक्लाइनिंग सीटें, कोट हुक, मैगजीन होल्डर और फुटरेस्ट जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। ट्रेन के सभी कोच में मुफ्त वाईफाई, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, सामान रखने का रैंक और एक इन्फोटेक सिस्टम भी होगा। इसमें मेट्रो की तरह बीच में खड़े होने के लिए हैंड होल्डर लगे हैं। वहीं सीटें 2X2 साइज की होंगी। यह ट्रेन हर स्टेशन पर 30 सेकंड के लिए रुकेंगी।

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मेट्रो, वंदे भारत और रैपिड रेल तीनों में काफी अंतर

मेट्रो की स्पीड 80 किलोमीटर है। वंदे भारत सेमी स्पीड ट्रेन हैं, जो 160 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ती हैं, लेकिन रैपिड रेल 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। यह ट्रेन 60 मिनट में 100 किलोमीटर का सफर तय कर सकेगी। 6 कोच वाली यह ट्रेन बिल्कुल बुलेट ट्रेन जैसी है। साइड से यह मेट्रो जैसी दिखती है। इसमें महिलाओं और बिजनेस क्लास के लिए मेट्रो की तरह कोच रिजर्व रहेगा। रेलवे स्टेशनों में टिकट ऑनलाइन या काउंटर पर खरीदे जाते हैं। मेट्रो स्टेशनों में स्मार्ट कार्ड, क्यूआर कोड वाले टिकट या टोकन से खरीदे जाते हैं। रैपिड रेल में क्यूआर कोड-आधारित डिजिटल और पेपर टिकटिंग सुविधा मिलेगी। स्टेशनों के अंदर ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन गेट और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड भी होंगे।

First published on: Oct 21, 2023 09:29 AM

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