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मणिपुर के पांच जिलों में फिर से लगा फुल कर्फ्यू, फिर भी सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोग, जाने क्यों?

Manipur Violence Updates: मणिपुर में हिंसा के चार महीने के बाद भी तनाव जारी है। इस बीच एक बार फिर राज्य को सुलगाने की साजिश रची जा रही है। ऐसे में मंगलवार की शाम से एहतियात के तौर पर मणिपुर के सभी पांच घाटी जिलों में पूर्ण कर्फ्यू लगा दिया गया। यह कदम कोआर्डिनेटिंग कमेटी […]

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Edited By : Bhola Sharma Updated: Sep 6, 2023 20:17
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Manipur Violence

Manipur Violence Updates: मणिपुर में हिंसा के चार महीने के बाद भी तनाव जारी है। इस बीच एक बार फिर राज्य को सुलगाने की साजिश रची जा रही है। ऐसे में मंगलवार की शाम से एहतियात के तौर पर मणिपुर के सभी पांच घाटी जिलों में पूर्ण कर्फ्यू लगा दिया गया। यह कदम कोआर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मधिपुर इंटिग्रिटी (COCOM) और इसकी महिला यूनिट द्वारा बुधवार को सेना के बैरिकेड्स पर धावा बोलने के ऐलान करने के बाद उठाया गया। बावजूद इसके सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे पड़े। सेना ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया है।

इन जिलों में लगा कर्फ्यू

अधिकारियों ने बताया कि बिष्णुपुर, काकचिंग, थौबल, इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व में पूर्ण कर्फ्यू लगाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को चुराचांदपुर से कुछ किलोमीटर दूर बिष्णुपुर जिले के फौगाकचाओ इखाई में सेना के जवानों को मुस्तैद किया गया है।

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सरकार के प्रवक्ता और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री सपम रंजन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आंदोलित संगठन से अपना फैसला वापस लेने की अपील की थी। उन्होंने शांति बहाली के लिए सुरक्षा बलों द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन करने की बात कही थी।

इन लोगों को कर्फ्यू से राहत

अधिकारियों के मुताबिक स्वास्थ्य, बिजली, पीएचईडी, पेट्रोल पंप, स्कूल/कॉलेज, नगर पालिका, मीडिया, अदालतों के कामकाज और उड़ान यात्रियों जैसी इमरजेंसी सेवाओं से जुड़े लोगों और कर्मचारियों को कर्फ्यू से राहत दी गई है।

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COCOMI के मीडिया समन्वयक सोमेंद्रो थोकचोम ने कहा कि समिति ने पहले सरकार और संबंधित अधिकारियों से 30 अगस्त तक बैरिकेड हटाने का आग्रह किया था। साथ ही यह भी कहा कि अगर कहीं कोई अप्रिय घटना होती हे तो सरकार की जिम्मेदारी होगी।

स्थानीय लोगों ने कहा कि फौगाचाओ इखाई में बैरिकेड के कारण, वे टोरबुंग में अपने आवासों पर नहीं जा पा रहे थे, जिसे उन्होंने 3 मई को हिंसा भड़कने के बाद खाली कर दिया था।

तीन मई को भड़की थी हिंसा

मणिपुर में तीन मई को हिंसा भड़क उठी थी। वजह मैतेई समुदाय को हाईकोर्ट के आदेश पर मिले आरक्षण का मुद्दा था। इसके विरोध में कुकी समुदाय ने मार्च निकाला था। इस दौरान चुराचांदपुर में एक बाइक की टक्कर के बाद हिंसा भड़क उठी थी। 170 से ज्यादा लोगों की अब तक जान जा चुकी है। 70 हजार से अधिक लोग बेघर हुए हैं।

यह भी पढ़ें: एक चूक के कारण अमेरिका में उड़ नहीं पाए 211 विमान, टिकट कैंसिल करने वाले यात्री भी वजह जानकर हुए हैरान

First published on: Sep 06, 2023 08:17 PM

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