Manipur violence: मणिपुर में जारी हिंसा के बीच अब ग्रेनेड ब्लास्ट का मामला सामने आया है। यह धमाका मणिपुर के इंफाल पश्चिम के सिंगजामेई में हुआ है। पुलिस के अनुसार शनिवार देर रात को अटैक किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री वाई खेमचंद के घर के गेट के बाहर ग्रेनेड ब्लास्ट होने से सीआरपीएफ का एक जवान घायल हुआ है। जवान को पास के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है। घटना के बाद मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने भी मौके का मुआयना किया है।
संयुक्त राष्ट्र ने भी मणिपुर में दूसरी बार हिंसा भड़कने पर चिंता जाहिर की है। यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स कमीशन की ओर से भी एक पोस्ट 6 अक्टूबर को डाली गई है। यूएनएचआर ने कहा है कि मानव अधिकार एक्टिविस्ट बबलू लिथोंगबम पर हमले की धमकियों के कारण चिंता है। जो लगातार मणिपुर हिंसा के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
मानव अधिकार कार्यकर्ता के घर पर हुआ था हमला
इससे पहले 5 अक्टूबर को भी हिंसक भीड़ ने इंफाल वेस्ट के कैथेलमांगबी में मानव अधिकार कार्यकर्ता के घर पर अटैक किया था। संयुक्त राष्ट्र ने हमले के पीछे मैतेई समुदाय के लिपुंस और अरामबाई तेंगोल पर आरोप लगाया था। जिसके बाद पुलिस से लिथोंगबम और उनकी फैमिली को सिक्योरिटी देने की मांग की गई थी। इससे पहले लिथोंगबम लगातार आरोपियों के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणी करते रहे हैं। आरोपियों ने 5 अक्टूबर को ही मानव अधिकार कार्यकर्ता के बायकॉट का एलान किया था।
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शाम को भीड़ ने उनके घर पर अटैक कर दिया था। इससे पहले लिथोंगबम ने अपने ऊपर पहले ही हमले का अंदेशा जताया था। कहा था कि कट्टरपंथी कभी भी उनको घेर सकते हैं। वहीं, हमले के बाद लिथोंगबम का एक लोगों से माफी मांगने का वीडियो भी वायरल हुआ है। जिसमें वे हिंसा भड़कने के बाद इंटरव्यू को लेकर बात कर रहे हैं। उनको सीएम बीरेन का भी आलोचक माना जाता है। जिन्होंने हिंसा के बाद बीजेपी से बीरेन के बजाय दूसरा सीएम नियुक्त करने की मांग की थी। साथ ही कुकी समुदाय से बात करने की सलाह भी दी थी।
https://youtu.be/Tl14Lnr49Ks
Manipur violence: मणिपुर में जारी हिंसा के बीच अब ग्रेनेड ब्लास्ट का मामला सामने आया है। यह धमाका मणिपुर के इंफाल पश्चिम के सिंगजामेई में हुआ है। पुलिस के अनुसार शनिवार देर रात को अटैक किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री वाई खेमचंद के घर के गेट के बाहर ग्रेनेड ब्लास्ट होने से सीआरपीएफ का एक जवान घायल हुआ है। जवान को पास के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है। घटना के बाद मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने भी मौके का मुआयना किया है।
संयुक्त राष्ट्र ने भी मणिपुर में दूसरी बार हिंसा भड़कने पर चिंता जाहिर की है। यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स कमीशन की ओर से भी एक पोस्ट 6 अक्टूबर को डाली गई है। यूएनएचआर ने कहा है कि मानव अधिकार एक्टिविस्ट बबलू लिथोंगबम पर हमले की धमकियों के कारण चिंता है। जो लगातार मणिपुर हिंसा के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
मानव अधिकार कार्यकर्ता के घर पर हुआ था हमला
इससे पहले 5 अक्टूबर को भी हिंसक भीड़ ने इंफाल वेस्ट के कैथेलमांगबी में मानव अधिकार कार्यकर्ता के घर पर अटैक किया था। संयुक्त राष्ट्र ने हमले के पीछे मैतेई समुदाय के लिपुंस और अरामबाई तेंगोल पर आरोप लगाया था। जिसके बाद पुलिस से लिथोंगबम और उनकी फैमिली को सिक्योरिटी देने की मांग की गई थी। इससे पहले लिथोंगबम लगातार आरोपियों के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणी करते रहे हैं। आरोपियों ने 5 अक्टूबर को ही मानव अधिकार कार्यकर्ता के बायकॉट का एलान किया था।
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शाम को भीड़ ने उनके घर पर अटैक कर दिया था। इससे पहले लिथोंगबम ने अपने ऊपर पहले ही हमले का अंदेशा जताया था। कहा था कि कट्टरपंथी कभी भी उनको घेर सकते हैं। वहीं, हमले के बाद लिथोंगबम का एक लोगों से माफी मांगने का वीडियो भी वायरल हुआ है। जिसमें वे हिंसा भड़कने के बाद इंटरव्यू को लेकर बात कर रहे हैं। उनको सीएम बीरेन का भी आलोचक माना जाता है। जिन्होंने हिंसा के बाद बीजेपी से बीरेन के बजाय दूसरा सीएम नियुक्त करने की मांग की थी। साथ ही कुकी समुदाय से बात करने की सलाह भी दी थी।