मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के बीच शनिवार को एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। यहां एक गांव के प्रधान के ऊपर कथित तौर पर कुकी समुदाय के संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला किया है। यह घटना कांगपोकपी जिले के कोंसाखुल गांव में दोपहर करीब 12.15 बजे हुई। चश्मदीद लोगों ने बताया कि दर्जनों हथियारबंद हमलावर गांव में घुसे और प्रधान सहित कई लोगों के साथ मारपीट की।
भूमि विवाद को लेकर किया गया हमला
बताया जा रहा है कि इस हमले में गांव के प्रधान ऐमसन अबोनमई गंभीर रूप से घायल हो गए। नागा बहुल कोंसाखुल के निवासियों ने बताया कि कथित तौर पर कुकी समुदाय से संबंधित ये उग्रवादी पड़ोसी हराओथेल गांव के थे। घायलों में 8 अन्य ग्रामीण भी शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए खुरखुल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। वहीं, गांव के प्रधान अबोनमई को इंफाल के क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (आरआईएमएस) में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं।
ग्राम प्रधान पर क्यों हुआ हमला?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हमला पड़ोसी हराओथेल गांव से आए कुकी समुदाय के लोगों द्वारा किया गया और इसकी वजह एक पुराने भूमि विवाद को बताया जा रहा है। कोनसाखुल गांव नागा बहुल इलाका है, वहां के लोगों ने इस हमले के लिए कुकी उग्रवादियों को जिम्मेदार ठहराया है। इससे पहले भी इन गांवों के बीच भूमि को लेकर तनाव की खबरें आती रही हैं, लेकिन शनिवार की घटना ने दोनों समुदायों के बीच एक बार फिर तनाव को बढ़ा दिया है।
रोंगमेई नागा परिषद ने कड़ी निंदा की
वहीं, रोंगमेई नागा परिषद ने हमले की कड़ी निंदा की। परिषद के उपाध्यक्ष अथुआन गंगमेई ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम कुकी नेताओं से अपील करते हैं कि वे भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने दें। ऐसी घटनाओं से पहाड़ी क्षेत्रों में अशांति फैलने की आशंका है, वह भी ऐसे समय में जब राज्य में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीय संघर्ष चल रहा है। हम कुकी बदमाशों द्वारा नागा गांव के मुखिया पर हमले की कड़ी निंदा करते हैं।’ पुलिस ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहाड़ी गांव में और अधिक सुरक्षा बल भेजे गए हैं।