Mahua Moitra on eviction order: तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित सांसद महुआ मोइत्रा ने सरकारी बंगला खाली करने के नोटिस को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में चुनौती दी है। इस याचिका पर शीघ्र ही न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया सुनवाई करेंगे। यह सरकारी बंगला महुआ को तब आवंटित किया गया था, जब वह सांसद थीं। अब वे सांसद नहीं हैं तो बंगला को खाली करने के लिए संपदा निदेशालय ने उन्हें नोटिस जारी किया है।
16 जनवरी को फिर जारी किया गया नोटिस
इससे पहले, बंगला खाली करने को लेकर शहरी विकास मंत्रालय ने 11 जनवरी को महुआ मोइत्रा को दूसरा नोटिस भेजा था। इस नोटिस का जवाब देने के लिए उनको 16 जनवरी तक का समय दिया गया था, जोकि अब खत्म हो गया है। इसके बाद उन्हें मंगलवार को संपदा निदेशालय ने तुरंत बंगला खाली करने का नोटिस दिया।
एथिक्स कमेटी पर लगाए आरोप
दूसरी तरफ, महुआ मोइत्रा ने एथिक्स कमेटी पर हर नियम तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया, जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है। वहीं, एथिक्स कमेटी की जांच से पता चलता है कि महुआ ने 2019 से लेकर 2023 तक चार बार यूएई का दौरा किया था। इस दौरान उनके लॉगिन को कई बार एक्सेस किया गया था।
पिछले साल लोकसभा से किया गया निष्कासित
महुआ मोइत्रा को पिछले साल 8 दिसंबर को लोकसभा से निष्कासित किया गया था। उन पर उपहार और पैसे लेने के बदले जानकारी देने का आरोप लगाया गया था। संसद की एथिक्स कमेटी ने उन्हें अनैतिक आचरण का दोषी पाया, जिसके बाद उनकी संसद सदस्यता रद्द कर दी गई।