Joshimath Sinking: अब जोशीमठ से 5 किलोमीटर दूर इस गांव में आई दरारें, सामने आई यह वजह
Edited By Amit Kasana

सेलंग गांव में दरारें
Edited By Amit Kasana

सेलंग गांव में दरारें
Joshimath Sinking: जोशीमठ में आई दरारों के बाद अब उसके आसपास के गांवों में खतरा मंडरा रहा है। शनिवार को जोशीमठ से 5 किलोमीटर दूर सेलंग गांव में खेत और घरों में दरारें दिखाई पड़ी हैं। जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि वह इस बारे में काफी पहल से सरकार से शिकायत कर रहे हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार सेलंग में पिछले कुछ महीनों से खेतों और कई घरों में दरारें दिखाई दे रही हैं। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) पर स्थित, सेलंग के निवासियों ने कहा कि वे डरे हुए हैं और जोशीमठ संकट ने उनके डर को और गहरा कर दिया है। ग्रामीण अपनी दुर्दशा के लिए एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगढ़ जल विद्युत परियोजना को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना की सुरंगें गांव के नीचे बनी हैं। सेलंग निवासी विजेंद्र लाल ने समाचार एजेंसी को बताया कि इन सुरंगों में से एक के मुहाने के पास एनएच के पास स्थित एक होटल जुलाई 2021 में ढह गया था और पास के पेट्रोल पंप को भी आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा था। उन्होंने कहा कि ढह गए होटल के पास स्थित घरों को भी खतरा है।
ग्रामीणों के मुताबिक ”गांव के नीचे एनटीपीसी की नौ सुरंगें बनी हैं। सुरंगों के निर्माण में बहुत सारे विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया था, जिससे गांव की नींव को नुकसान पहुंचा है।” “गाँव में मुख्य बस्ती क्षेत्र से 100 मीटर नीचे एक जल निर्वहन प्रणाली भी बनाई जा रही है। इससे कुछ मीटर की दूरी पर गांव की ओर दरारें दिखाई देने लगी हैं,” उन्होंने कहा, लगभग 15 घरों में “दरारें विकसित” हुई हैं। सेलंग गांव के वन पंचायत के सरपंच शिशुपाल सिंह भंडारी ने कहा कि एनटीपीसी परियोजना के कारण निवासियों का जीवन दयनीय हो गया है। परियोजना की सुरंगें गांव के नीचे बनी हुई हैं।
(Diazepam)
न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on: