Thursday, September 29, 2022
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ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में आज आएगा अहम फैसला, वाराणसी के कई हिस्से छावनी में तब्दील

पांच हिंदू महिलाओं में मस्जिद परिसर में श्रृंगार गौरी और अन्य देवताओं की पूजा करने के अधिकार की मांग की थी, जिस पर आज निर्णय दिया जा सकता है।

लखनऊ: वाराणसी जिला अदालत सोमवार को ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े विवाद में अहम फैसला सुनाएगी। दरअसल, पांच हिंदू महिलाओं में मस्जिद परिसर में श्रृंगार गौरी और अन्य देवताओं की पूजा करने के अधिकार की मांग की थी, जिस पर आज निर्णय दिया जा सकता है।

बता दें कि जिला न्यायाधीश एके विश्वेश ने पिछले महीने सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मामले में 12 सितंबर तक आदेश के लिए सुरक्षित रख लिया था। फैसले से पहले वाराणसी में किसी भी तरह की हिंसक स्थिति से बचने और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

वाराणसी के पुलिस आयुक्त (सीपी) ए. सतीश गणेश ने कहा कि सोमवार को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में और आसपास पुलिस और अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया जाएगा।

आयुक्त ने यह भी जानकारी दी कि गश्त करने वाले वाहनों को महत्वपूर्ण बिंदुओं पर तैनात किया जाएगा, अधिकारी ने कहा कि किसी भी तनाव की स्थिति में कार्रवाई करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीमों का गठन किया गया है। गणेश ने लोगों से अफवाहों से गुमराह न होने की अपील करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने के किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाएगाय़

क्या है ज्ञानवापी मस्जिद विवाद

पांच हिंदू महिलाओं ने याचिका दायर कर मस्जिद परिसर में हिंदू देवी-देवताओं की दैनिक पूजा की अनुमति मांगी थी, जिनकी मूर्तियां ज्ञानवापी मस्जिद की बाहरी दीवार पर स्थित हैं। अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद समिति ने कहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद एक वक्फ संपत्ति है और उसने याचिका की सुनवाई पर सवाल उठाया है।

हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने कहा था कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया था। शीर्ष अदालत के आदेश के बाद जिला अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है। इससे पहले, एक निचली अदालत ने परिसर के वीडियोग्राफी सर्वेक्षण का आदेश दिया था। 16 मई को सर्वे का काम पूरा हुआ और 19 मई को कोर्ट में रिपोर्ट पेश की गई.

हिंदू पक्ष ने निचली अदालत में दावा किया था कि ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी परिसर के वीडियोग्राफी सर्वेक्षण के दौरान एक शिवलिंग मिला था लेकिन मुस्लिम पक्ष ने इसका विरोध किया था। मुस्लिम पक्ष ने याचिका की विचारणीयता पर सवाल उठाया है और सोमवार को अपना जवाब पेश करने के लिए समय मांगा है। अदालत ने इसे अनुमति दी और मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 सितंबर की तारीख तय की।

सुप्रीम कोर्ट के 693/2021 मामले की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर तय करने के निर्देश के बाद जिला जज ने 20 मई को सुनवाई शुरू की।

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