Jaishankar Revelation On Kandahar Hijacked Plane : इन दिनों कंधार विमान हाइजैक पर बनी वेब सीरीज IC 814-द कंधार हाइजैक सुखियों में है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वेब सीरीज को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जब प्लेन को हाइजैक किया गया था, उस वक्त उनके पिता भी उसी विमान में थे, जबकि एक युवा अधिकारी के तौर वे (जयशंकर) हाइजैक करने वाले लोगों से डील करने वाली टीम में शामिल थे।
स्विटजरलैंड के दौरे पर गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जिनेवा में भारतीय लोगों को बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने ये वेब सीरीज तो नहीं देखी है, लेकिन उस विमान हाइजैक की घटना को करीब से देखा था। साल 1984 में जब प्लेन हाइजैक हुआ था, तब वे एक युवा सरकारी अधिकारी थे। बाद में उन्हें पता चला कि उनके पिता कृष्णस्वामी सुब्रह्मण्यम भी उसी विमान में थे।
इस घटना में किसी की जान नहीं गई : विदेश मंत्री
विदेश मंत्री ने आगे कहा कि वे भी हाईजैकर्स से बातचीत करने वाली टीम के हिस्सा थे। इस मामले में सबसे अच्छी बात यह रही कि किसी व्यक्ति की जान नहीं गई और मामला निपट गया। इस घटना के करीब 3-4 घंटे के बाद उन्होंने अपनी मां को फोन किया और बताया कि प्लेन हाइजैक हो गया और वे अभी घर नहीं आ सकते हैं। तभी यह भी पता चला कि उनके पिता भी उसी विमान में थे।
हाईजैकर्स से 36 घंटे चली थी बातचीत : जयशंकर
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि यह दिलचस्प था कि एक ओर वे उस टीम का हिस्सा थे, जो प्लेन को छुड़ाने पर काम कर रही थी। दूसरी ओर वे उस परिवार के सदस्य थे, जो सरकार पर दबाव बना रहा था। आपको बता दें कि 24 अगस्त 1984 को दिल्ली से श्रीनगर जा रहे इंडियन एयरलाइंस के विमान को पठानकोट से अपहरण कर दुबई ले जाया गया था, जिसमें 68 यात्री और 6 क्रू मेंबर शामिल थे। करीब 36 घंटे की बातचीत के बाद खालिस्तानी समर्थक हाईजैकर्स ने सरेंडर कर लिया और सभी यात्रियों को सुरक्षित छोड़ दिया था।