---विज्ञापन---

देश angle-right

बढ़िया सैलरी, वीजा-नागरिकता… किस तरह रूस में नौकरी के नाम पर जंग में फंसाए गए भारतीय

How Indians Duped Into Joining Russian Army: बीते दिनों रूस की सेना में जबरन शामिल किए गए कुछ भारतीयों की मौत होने की दुखद खबरें आई थीं। अब पता चला है कि इन लोगों को रूस में नौकरी के नाम पर ले जाया गया था और वहां जाकर सेना में शामिल करा दिया गया था। इसे लेकर सीबीआई ने छापेमारी भी की है। इस रिपोर्ट में जानिए किस तरह युवाओं को धोखे से रूसी सेना का हिस्सा बनाने का फर्जीवाड़ा चल रहा है।

---खबर नीचे जारी है---

How Indians Duped Into Joining Russian Army : भारतीय नागरिकों को धोखे से रूस की सेना में शामिल कराए जाने की रिपोर्ट्स सामने आने के बाद अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं। इसे लेकर सीबीआई ने हाल ही में कई एजेंट्स और कंपनियों पर छापेमारी की है, जिसमें पता चला है कि किस तरह भारतीय युवाओं को यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई में रूस की सेना में धोखे से शामिल किया गया। सीबीआई ने गुरुवार को एक दर्जन से अधिक जगहों पर छापेमारी की थी। वहीं, विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा था कि इस मुद्दे को रूस की सरकार के सामने उठाया गया है।

---खबर नीचे जारी है---

ये कदम मॉस्को में भारतीय दूतावास की ओर से इसी जाल में फंसे एक भारतीय नागरिक की मौत होने की पुष्टि किए जाने के बाद उठाए जा रहे हैं। दरअसल, हैदराबाद के रहने वाले मोहम्मद अफसान (30) की रूस की ओर से लड़ते हुए मौत हो गई थी। इससे कुछ सप्ताह पहले रूस की सेना में हेल्पर के तौर पर काम करने वाले 23 साल के भारतीय की भी यूक्रेन की एयर स्ट्राइक में जान चली गई थी। अब करीब 1 दर्जन भारतीयों ने कहा है कि उन्हें रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर जबरन उसकी सेना में शामिल कराया गया था। इसके लिए इन लोगों को कई तरह के लालच दिए गए थे।

बाबा व्लॉग्स फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड!

इस मामले में सीबीआई की एफआईआर में 17 एजेंट्स और कंपनियों के नाम शामिल हैं। लेकिन इनके जाल में फंसे लोगों के परिजनों ने बताया है कि इसमें सबसे बड़ा रोल दुबई में रहने वाले फैजान खान उर्फ बाबा का है। वह बाबा व्लॉग्स नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाता है। एफआईआर में फैसल खान का नाम भी है। वह अपने कई वीडियोज में यह बताता नजर आता है कि यहां डिलिवरी बॉय और हेल्पर के तौर पर कई नौकरियां उपलब्ध हैं और ये लड़ाई से बहुत दूर हैं। एक वीडियो में वह कहता है कि हेल्पर का काम रॉकेट साइंस नहीं है। आपको तोप या बंदूक नहीं चलानी होगी।

---खबर नीचे जारी है---

सैलरी-वीजा समेत कई लालच दिए गए 

रूस में नौकरी दिलाने के वादे के साथ युवाओं को कई तरह के लालच भी दिए जाते हैं। फैसल एक वीडियो में यह कहता नजर आता है कि जॉइन करने वाले लोगों को तीन महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस दौरान उन्हें हर महीने 40,000 रुपये सैलरी मिलेगी, जिसे एक महीने बाद एक लाख रुपये कर दिया जाएगा। इसके अलावा उसने सरकारी कार्ड के साथ रहने के लिए बढ़िया जगह और अच्छा खाना मिलने की बात भी कही है। वह यह भी कहता है कि कार्ड के जरिए आपको हर जगह प्राथमिकता मिलेगी और इसके जरिए स्थाई वीजा के साथ-साथ रूसी नागरिकता भी मिल सकती है।

---खबर नीचे जारी है---

---खबर नीचे जारी है---

लड़ाई में शामिल नहीं किए जाने का वादा

वह आगे कहता है कि जब सेना किसी इलाके को पार कर जाएगी तो आपका काम इमारतों को खाली करना, सामान बाहर निकालना और गोला-बारूद की हिफाजत करना होगा। आपको हेल्पर या फिर सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर नौकरी मिलेगी। वीडियो में खान यह वादा भी करता है कि रूस जाने वालों को लड़ाई में शामिल नहीं किया जाएगा, उनका काम केवल रूस की सेना की मदद करना होगा। बता दें कि फैजान खान रूस में इस तरह की नौकरी दिलाने के लिए हर शख्स से तीन लाख रुपये की रकम वसूलता था। लेकिन वादे की असलियत रूस पहुंचने पर ही पता चल पाती है।

 

---खबर नीचे जारी है---

First published on: Mar 09, 2024 10:38 AM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola