Indian Grand Mufti Kanthapuram AP Abubakar Musliar: यमन में मौत की सजा पाई केरल की निमिषा की फांसी रुकवाने के लिए कोशिशें की जा रही हैं। सरकार के अलावा, अब सजा को रोकने के लिए भारतीय ग्रैंड मुफ्ती सामने आए हैं। उन्होंने यमन से फांसी रोकने का अनुरोध किया है, जिसके लिए वहां पर मीटिंग का आयोजन किया गया। बता दें कि निमिषा को 16 जुलाई यानी कल फांसी दी जानी है।
भारतीय ग्रैंड मुफ्ती और ऑल इंडिया जमीयतुल उलेमा के महासचिव मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद (कांथापुरम मुसलियार) कौन हैं? हाल ही में उनके जीवन पर एक किताब भी लिखी गई है, जिसका विमोचन केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने किया था।
कौन हैं कंथापुरम AP अबूबकर मुसलियार?
निमिषा के केस में भारतीय ग्रैंड मुफ्ती ने फांसी रोकने की अपील की है। अबूबकर मुसलियार भारतीय ग्रैंड मुफ्ती और ऑल इंडिया जमीयतुल उलेमा के महासचिव हैं। उनका पूरा नाम कंथापुरम AP अबूबकर मुसलियार है, जिन्हें मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद के नाम से भी जाना जाता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका जन्म 22 मार्च 1931 को हुआ था। 2018 में उनसे पहले ग्रैंड मुफ्ती की मौत के बाद अबूबकर को ये जिम्मेदारी दी गई थी। उनके चुनाव का भारत समेत कई मुस्लिम देशों में जश्न मनाया गया था।
ग्रैंड मुफ्ती के जीवन पर लिखी गई है किताब
अबूबकर मुसलियार ने शांति के लिए देश-विदेश में कई आयोजन किए हैं। 2014 में उन्होंने दिल्ली में एक शांति सम्मेलन की तैयारियों के दौरान 1 लाख पेड़ लगाने की मुहिम भी शुरू की थी। उन्होंने अपने जीवन में शिक्षा को बहुत महत्व दिया है।
उन्होंने खलीज टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में इसका जिक्र करते हुए ‘शिक्षा शांति की कुंजी’ बताया था। पिछले साल ही अबूबकर मुसलियार की आत्मकथा ‘विश्वसापूर्वम’ का विमोचन किया गया था।
निमिषा प्रिया का क्या है मामला?
भारत के केरल की निवासी निमिषा प्रिया पर यमन में कत्ल का आरोप लगा है। निमिषा पर अपने बिजनेस पार्टनर को मारने के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई है। इस मामले में अब निमिषा को 16 जुलाई को फांसी की सजा दी जानी है। इसके लिए भारत सरकार भी अपनी तरफ से फांसी की सजा में रियायत के लिए कोशिशें कर रही है।
हालांकि, सरकार की तरफ से बीते दिन सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर अपनी बात भी रखी गई थी, जिसमें सरकार ने कहा कि ‘हम कूटनीतिक तौर पर अपने प्रयास जारी रखेंगे।’