TrendingiranTrumpISRO

---विज्ञापन---

देश

जर्मनी जाने वाले भारतीयों के लिए खुशखबरी, दोनों देशों के बीच ‘मुफ्त ट्रांजिट वीजा’ का ऐलान

जर्मनी ने भारतीय यात्रियों के लिए ट्रांजिट वीजा-मुक्त सुविधा का ऐलान किया गया है. मिली जानकारी के अनुसार, जर्मनी ने भारत से आने वाले यात्रियों के लिए ट्रांजिट अवधि के दौरान वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा की घोषणा की है.

Author Written By: Versha Singh Updated: Jan 12, 2026 17:21

जर्मनी ने भारतीय यात्रियों के लिए ट्रांजिट वीजा-मुक्त सुविधा का ऐलान किया गया है. मिली जानकारी के अनुसार, जर्मनी ने भारत से आने वाले यात्रियों के लिए ट्रांजिट अवधि के दौरान वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा की घोषणा की है.

हालांकि, भारतीय यात्रियों को हवाई अड्डे की सीमा से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी और बिना वीजा के किसी जर्मन शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे. यह सुविधा उन भारतीयों के लिए राहत लेकर आएगी जो जर्मनी के हवाईअड्डों से ट्रांजिट कर रहे होंगे. वहीं, आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यात्री केवल हवाई अड्डे के अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट क्षेत्र में ही रह सकेंगे.

---विज्ञापन---

दोनों देशों के बीच बढ़ेंगी नजदीकियां- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़े ऐलान किए. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच अच्छे संबंध हैं और आज के समझौते में प्रवास, गतिशीलता और कौशल बढ़ाने पर जोर दिया गया है. उन्होंने बताया कि जर्मनी ने वीजा मुक्त यात्रा की शुरूआत की है, जिससे दोनों देशों के बीच नजदीकियां बढ़ेंगी.

भारत में यूनिवर्सिटी खोलेगा जर्मनी

पीएम मोदी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत-जर्मनी के बीच हुए समझौते से जर्मनी भारत में अपने विश्विद्यालय परिसर खोल सकेंगे. जिससे शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग से नवाचार और मानव पूंजी विकास को मजबूती मिलेगी.

2026 में जर्मनी की यात्रा करेंगे पीएम मोदी

जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले पीएम मोदी और जर्मन चांसलर बिजनेस फोरम में शामिल हुए थे. सोमवार की सुबह दोनों नेताओं ने अहमदाबाद में साबरमती आश्रम का दौरा किया और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद दोनों नेताओं ने अहमदाबाद में साबरमती नदी तट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का उद्घाटन किया. बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी इस साल भारत-जर्मनी इंटर-गवर्नमेंटल कंसल्टेशन (IGC) के लिए जर्मनी जाएंगे.

भारतीयों के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट का क्या मतलब है?

यह सुविधा भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स को अलग से ट्रांजिट वीजा के लिए आवेदन किए बिना आगे की यात्रा के दौरान जर्मन हवाई अड्डों से गुजरने की अनुमति देती है. मौजूदा शेंगेन नियमों के तहत, भारतीय यात्रियों को अक्सर एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा, जिसे कैटेगरी A वीजा भी कहा जाता है, की जरूरत पड़ती थी, भले ही वे फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख या बर्लिन जैसे हवाई अड्डों पर इंटरनेशनल ट्रांजिट जोन में ही क्यों न रहें. यह जरूरत तब भी लागू होती थी, जब यात्री जर्मनी या बड़े शेंगेन क्षेत्र में प्रवेश नहीं करते थे.

इस नई व्यवस्था से, तय शर्तों को पूरा करने वाले भारतीय पहले से ट्रांजिट वीजा लिए बिना भी जर्मन हवाई अड्डों से कनेक्ट कर पाएंगे. उम्मीद है कि इससे उन यात्रियों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी जो दूसरे डेस्टिनेशन के रास्ते में जर्मनी को स्टॉपओवर के तौर पर इस्तेमाल करते हैं.

इस बदलाव से जर्मनी में बिना वीजा के एंट्री नहीं मिलेगी. जो भारतीय टूरिज़्म, बिजनेस या जर्मनी या दूसरे शेंगेन देशों में लंबे समय तक रहने के लिए यात्रा कर रहे हैं, उन्हें अभी भी संबंधित वीजा की जरूरत होगी.

जर्मनी में बढ़ रही भारतीय ट्रैवलर्स की संख्या

बता दें कि यह घोषणा भारत और जर्मनी के बीच बढ़ते ट्रैवल के बीच हुई है. जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच जर्मनी में भारतीयों के ओवरनाइट स्टे 775,000 से ज़्यादा हो गए, जो बेहतर फ्लाइट कनेक्टिविटी और एक डेस्टिनेशन के तौर पर देश में बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है.

जर्मन नेशनल टूरिस्ट ऑफिस इंडिया ने कहा है कि उसे उम्मीद है कि यह ट्रेंड जारी रहेगा और 2026 में 1 मिलियन भारतीयों के ओवरनाइट स्टे का टारगेट है.

दिसंबर में, जर्मन नेशनल टूरिस्ट ऑफिस में मार्केटिंग और सेल्स ऑफिस – इंडिया के डायरेक्टर, रोमियो थियोफिलस ने PTI को बताया, ‘हम निश्चित रूप से 1 मिलियन का आंकड़ा पार करेंगे… हम 2026 में जर्मनी में (भारतीय) शादियां भी करवाने की उम्मीद कर रहे हैं.’

उन्होंने कहा कि लगभग 60,000 भारतीय छात्र पहले से ही जर्मनी जा रहे हैं, और यह भी बताया कि दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने के लिए फैमिली ट्रैवल भी बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, ‘इसलिए हमें पता है कि हम अगले साल इस टारगेट के काफी करीब पहुंच जाएंगे.’

एजेंडे में माइग्रेशन और शिक्षा भी शामिल

सोमवार को दोनों नेताओं के बीच बातचीत में प्रवासन (Migration) और शिक्षा प्रमुखता से शामिल थे, जिसमें कानूनी प्रवासन और कौशल सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया.

एक नई ग्लोबल स्किल्स पार्टनरशिप का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हमने प्रवासन, गतिशीलता और कौशल बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है. भारत के प्रतिभाशाली युवा जर्मनी की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं. ग्लोबल स्किल्स पार्टनरशिप पर आज जारी संयुक्त घोषणापत्र इस भरोसे का प्रतीक है. इससे विशेष रूप से हेल्थकेयर पेशेवरों की आवाजाही आसान होगी.’ उन्होंने गहरे शिक्षा संबंधों के बारे में भी बात की.

पीएम मोदी ने कहा, ‘उच्च शिक्षा पर हमने आज जो व्यापक रोडमैप तैयार किया है, वह शिक्षा के क्षेत्र में हमारी साझेदारी को एक नई दिशा देगा. मैं जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने के लिए आमंत्रित करता हूं. मैं भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त ट्रांजिट की घोषणा करने के लिए चांसलर मर्ज का आभार व्यक्त करता हूं.’

चांसलर मर्ज भारत की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं, क्योंकि दोनों देश राजनयिक संबंधों के 75 साल और अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे कर रहे हैं. पदभार संभालने के बाद यह किसी एशियाई देश की उनकी पहली यात्रा है और यह ऐसे समय में हो रही है जब भारत और जर्मनी के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है.

First published on: Jan 12, 2026 05:09 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.