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झारखंड में हाथी ने मचाया तांडव, एक रात में 7 लोगों को उतारा मौत के घाट, 6 दिन में 17 गवां चुके जान

झारखंड में हाथी ने मचाया तांडव, एक रात में 7 लोगों को उतारा मौत के घाट, 6 दिन में 17 गंवा चुके जान

Author Edited By : Khushbu Goyal
Updated: Jan 7, 2026 10:44
Wild Elephant
जंगली हाथी एक से दूसरे गांव में जाकर लोगों पर हमला कर रहा है.

Jharkhand News: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथी ने आतंक मचाया हुआ है. उसने एक रात में 7 लोगों को मौत को घाट उतार दिया और पिछले 6 दिन में वह 17 लोगों की जान ले चुका है. ताजा हमला नोवामुंडी प्रखंड के बाबरिया गांव में एक परिवार पर हुआ है. बीती रात हाथी ने एक परिवार पर हमला किया और 5 सदस्यों को जान से मार दिया. बड़ा पासीया और लांपाईसाई गांवों में भी हाथी के हमले से 2 लोगों की जान गई है.

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6 दिन में 17 लोगों को मार डाला

बता दें कि बीती रात ही नहीं पिछले 6 दिन से हाथी लोगों पर हमले कर रहा है और अब तक 17 लोगों की जान ले चुका है. वहीं हाथी का आतंक अब इतना बढ़ चुका है कि इलाके में लोग दहशत में रहने लगे हैं. वहीं मृतकों के परिवारों ने वन विभाग और प्रशासन से मुआवजे और सुरक्षा की मांग की है, क्योंकि हाथी का आतंक किसी एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि आस-पास के 3 गांवों में फैला है. अधिकारियों ने लोगों को राहत का आश्वासन दिया है.

मृतकों में 2 छोटे-छोटे बच्चे शामिल

जंगली हाथी ने बाबरिया गांव में जिन 5 लोगों को मारा, उनमें पति-पत्नी और उनके 2 मासूम बच्चे शामिल हैं. हमला रात करीब 10 बजे तब हुआ, जब परिवार सो गया था. वहीं एक बच्चा किसी तरह जान बचाने में कामयाब रहा और भाग गया. हाथी के हमले में पड़ोसी परिवार के एक सदस्य की भी मौत हुई है. मृतकों की पहचान सनातन मेराल, उनकी पत्नी जोंकों कुई, उनके 2 बच्चों और मोगदा लागुरी के रूप में हुई है, जिनके शव कब्जे में लिए गए हैं.

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6 दिन में 5 हमले कर चुका है हाथी

1 जनवरी को टोंटो प्रखंड के बांडीझारी गांव निवासी 35 वर्षीय मंगल सिंह हेंब्रम पर हाथी ने हमला किया था और उनकी मौत हो गई थी. एक जनवरी की रात को ही बिरसिंहहातु गांव के कुचुबासा टोली निवासी 55 वर्षीय उर्दूप बहंदा की भी हाथी के हमले में जान गई.

1 जनवरी को ही सदर प्रखंड के रोरो ग्राम निवासी 57 वर्षीय विष्णु सुंडी को भी हाथरी ने मार दिया था. इसी दिन बिरसिंहहातु गांव की मानी कुंटिया और सुखमति बहंदा पर भी हाथी ने हमला किया था, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गईं थी, लेकिन उनकी जान बच गई.

2 जनवरी को गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सायतवा गांव निवासी मंदरू कयोम के 13 वर्षीय पुत्र रेंगा कयोम पर हाथी ने हमला किया था और पैर नीचे कुचलकर मार दिया था. चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के बाईपी गांव निवासी नंदू गागराई की 10 वर्षीय बेटी ढिंगी गागराई को भी हाथी ने जमीन पर पटककर मार दिया था.

4 जनवरी को गोइलकेरा प्रखंड के तहत आने वाले संतरा वन क्षेत्र की कुईडा पंचायत के अमराई कितापी गांव स्थित तोपनोसाई टोले में रहने वाली महिला को हाथी ने कुचलकर मार दिया था. हाथी के हमले से महिला का पति रंजन टोपनो और 10 साल का बेटा काहिरा टोपनो बुरी तरह घायल हो गए थे.

5 जनवरी को गोइलकेरा के संतरा वन क्षेत्र तहत आने वाली बिला पंचायत के वन ग्राम मिस्त्रीबेड़ा निवासी 50 वर्षीय जोंगा लागुरी की जान हाथी के हमले से गई थी, वहीं हमले में उसका पति 52 वर्षीय चंद्र मोहन लागुरी घायल हुआ था, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

6 जनवरी को गोइलकेरा के सोवा गांव निवासी कुंदरा बाहदा, उनके 6 साल के बेटे कोदमा बाहदा और 8 माह की बेटी सामू बाहदा को हाथी ने मार दिया था, वहीं हमले में 3 साल की बच्ची जिंगीं बाहदा गंभीर रूप से घायल हुई थी.

सोवा और पाटुंग गांव होते हुए हाथी मंगलवार को संतरा वन क्षेत्र के टोंटो प्रखंड स्थित कुईलसूता गांव में पहुंचा, जहां उसने 21 साल के जगमोहन सवईया पर हमला किया और उसे पटक-पटक कर मार दिया.

First published on: Jan 07, 2026 10:03 AM

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