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मोरक्को में तबाही के बाद त्रिपुरा में आया भूकंप, जानें रिक्टर पैमाने पर कितनी रही तीव्रता

Earthquake in Tripura: उत्तर पूर्व राज्य त्रिपुरा में शनिवार को भूकंप आया। भूकंप के चलते धरती डोल उठी। इसकी जानकारी राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने दी है। एजेंसी के अनुसार, भूकंप के झटके दोपहर 3:48 बजे महसूस किए गए। इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई। भूकंप का सेंटर त्रिपुरा में धर्मनगर के 72 किमी उत्तर-पूर्व की […]

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Earthquake in Tripura: उत्तर पूर्व राज्य त्रिपुरा में शनिवार को भूकंप आया। भूकंप के चलते धरती डोल उठी। इसकी जानकारी राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने दी है। एजेंसी के अनुसार, भूकंप के झटके दोपहर 3:48 बजे महसूस किए गए। इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई।

भूकंप का सेंटर त्रिपुरा में धर्मनगर के 72 किमी उत्तर-पूर्व की दिशा में था। अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है। लेकिन लोग दहशत में हैं। इससे पहले 24 जुलाई को त्रिपुरा में भूकंप के झटके आए थे। उस दौरान रिक्टर स्केल पर 3.8 तीव्रता थी।

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मोरक्को में अब तक 816 की मौत

उधर, मोरक्को में भूकंप के चलते भीषण तबाही हुई है। आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, अब तक भूकंप से 820 लोगों की जान गई है। मृतकों में एक तिहाई से अधिक लोग अल हौज के रहने वाले हैं। भूकंप का सेंटर तरौदंत प्रांत था। मंत्रालय ने उआरजाजेट, चिचौआ, अजीलाल और यूसुफिया प्रांतों के साथ-साथ मराकेश, अगादिर और कैसाब्लांका क्षेत्र में भी मौतें दर्ज कीं। मंत्रालय ने कहा कि अन्य 672 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 205 की हालत गंभीर है।

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33 साल के अब्देलहक अल अमरानी मराकेश में रहते हैं। उनका कहना है कि अचानक तेज झटका महसूस हुआ। इमारतें हिल रही थीं। लोग सदमे और घबराहट के कारण सड़कों पर जमा थे। बच्चे रो रहे थे। उनके माता-पिता व्याकुल थे। यह देश में आया अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप था। कुछ का कहना है कि 120 साल बाद ऐसा भूकंप आया है।

क्यों आता है भूकंप?

दरअसल, पृथ्वी टैक्टोनिक प्लेट्स पर बनी है। ये टैक्टोनिक प्लेट अपनी जगह से हिलती, घूमती और खिसकती रहती है। कभी-कभी ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं तो भूकंप आता है। ये प्लेटें सतह से करीब 30-50 किमी तक नीचे हैं।

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तीव्रता के मायने?

0 से 1.9- सिर्फ सीज्मोग्राफ से पता चलता है।
2 से 2.9- हल्का कंपन महसूस होता है।
3 से 3.9- तेज कंपन महसूस होता है।
4 से 4.9- खिड़कियां टूट सकती हैं। फोटो फ्रेम दीवार से गिर सकती है।
5 से 5.9- फर्नीचर हिल सकता है।
6 से 6.9- इमारतें दरक सकती हैं।
7 से 7.9- इमरातें गिर जाती हैं। जमीन के भीतर पाइप फट सकते हैं।
8 से 8.9- इमारतों के अलावा बड़े पुल धराशाई हो सकते हैं।
9 से ऊपर- भूकंप आने पर सुनामी आती है।

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First published on: Sep 09, 2023 05:18 PM

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