पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ बिना मंजूरी किताब की पीडीएफ लीक होने का शक में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केस दर्ज किया है. दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया और कुछ न्यूज फोरम पर सामने आई जानकारी का संज्ञान लिया है. इनमें दावा किया गया कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नाम की किताब की प्री-प्रिंट कॉपी ऑनलाइन सर्कुलेट हो रही है. गौरतलब है कि किताब को अभी रक्षा मंत्रालय की ओर से प्रकाशन की मंजूरी नहीं मिली है.
जांच में सामने आया कि इसी नाम से एक टाइपसेट किताब की पीडीएफ कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध है. इतना ही नहीं, कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म पर किताब का फाइनल कवर भी दिखाया जा रहा है, जैसे किताब बिक्री के लिए तैयार हो.
यह भी पढ़ें : राहुल गांधी को कैसे मिली पूर्व आर्मी चीफ की अनपब्लिश्ड बुक? जिससे संसद में मचा हंगामा
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इस कथित लीक या बिना अनुमति प्रकाशन की आशंका को लेकर स्पेशल सेल में केस दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि पीडीएफ कैसे और किसने ऑनलाइन डाली.
बता दें, पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर संसद में हंगामा मचा हुआ है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी, उस किताब का जिक्र अपने भाषण में करना चाहते हैं, जबकि स्पीकर और सत्ता पक्ष का कहना है कि जो किताब पब्लिश ही नहीं हुई, उसका जिक्र नियमों के मुताबिक नहीं किया जा सकता.
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पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने सेना में अपने चार दशक के अनुभव को इस किताब में लिखा है. उन्होंने अपने सेकंड लेफ्टिनेंट से लेकर जनरल तक के सफर के बारे में इस किताब में बताया है. इस किताब का प्रकाशक ‘पेंगुइन रैंडमहाउस इंडिया’ है.
पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ बिना मंजूरी किताब की पीडीएफ लीक होने का शक में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केस दर्ज किया है. दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया और कुछ न्यूज फोरम पर सामने आई जानकारी का संज्ञान लिया है. इनमें दावा किया गया कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नाम की किताब की प्री-प्रिंट कॉपी ऑनलाइन सर्कुलेट हो रही है. गौरतलब है कि किताब को अभी रक्षा मंत्रालय की ओर से प्रकाशन की मंजूरी नहीं मिली है.
जांच में सामने आया कि इसी नाम से एक टाइपसेट किताब की पीडीएफ कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध है. इतना ही नहीं, कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म पर किताब का फाइनल कवर भी दिखाया जा रहा है, जैसे किताब बिक्री के लिए तैयार हो.
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मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इस कथित लीक या बिना अनुमति प्रकाशन की आशंका को लेकर स्पेशल सेल में केस दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि पीडीएफ कैसे और किसने ऑनलाइन डाली.
बता दें, पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर संसद में हंगामा मचा हुआ है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी, उस किताब का जिक्र अपने भाषण में करना चाहते हैं, जबकि स्पीकर और सत्ता पक्ष का कहना है कि जो किताब पब्लिश ही नहीं हुई, उसका जिक्र नियमों के मुताबिक नहीं किया जा सकता.
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पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने सेना में अपने चार दशक के अनुभव को इस किताब में लिखा है. उन्होंने अपने सेकंड लेफ्टिनेंट से लेकर जनरल तक के सफर के बारे में इस किताब में बताया है. इस किताब का प्रकाशक ‘पेंगुइन रैंडमहाउस इंडिया’ है.