West Bengal Cyclone Remal latest Updates : बंगाल की खाड़ी से आया चक्रवाती तूफान पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों से टकरा गया, जिससे समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगीं। 135 की स्पीड से हवाएं चलीं और जमकर बारिश हुई। रेमल ने पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में तबाही मचाई। पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए और मकान ढह गए। आईएमडी के अनुसार, अब रेमल तूफान कमजोर पड़ जाएगा।
तूफान से दो की मौत
पश्चिम बंगाल में चक्रवाती तूफान से 2 लोगों की मौत हो गई। पेड़ गिरने से एक 80 साल की महिला की जान चली गई, जबकि कोलकाता के इंटाली इलाके में स्थित बीबी बागान में मकान गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। महानगर में अब तक बिजली के 356 खंभे उखड़ गए, जबकि 29 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। कोलकाता और आसपास के जिलों में बड़े-बड़े पेड़ गिर पड़े, बिजली गुल हो गई। पेड़ गिरने से फ्लाईओवर और सड़क पर यातायात बंद हो गया। पश्चिम बंगाल में अभी कुछ घंटों तक लैंडफॉल की तीव्रता रहेगी। कई इलाकों में पानी भर गया है।
धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा तूफान
आईएमडी के अनुसार, भीषण चक्रवाती तूफान उत्तर की ओर और फिर उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा। धीरे-धीरे कमजोर होकर एक चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। चक्रवात ‘रेमल’ की वजह से कोलकाता में बारिश जारी है। दक्षिण 24 परगना में भी तेज हवाओं के साथ जमकर बादल बरस रहे हैं।
135 की स्पीड से चली रहीं हवाएं
पश्चिम बंगाल में रेल और हवाई सेवाएं निलंबित हो गईं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि चक्रवात रविवार की रात को समुद्र तट को छू गया और लैंडफॉल’ लगभग चार घंटे तक जारी रहा। जब रेमल समुद्री तट से टकराया, तब हवा की स्पीड 110 से 120 किमी प्रति घंटे के बीच थी, लेकिन बाद में यह बढ़कर 135 की स्पीड हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि घर में सुरक्षित रहें। हमेशा की तरह हम आपके साथ हैं। यह तूफान भी गुजर जाएगा।
गृह मंत्रालय ने भेजीं एनडीआरएफ की टीमें
तूफान को देखते हुए गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में एनडीआरएफ की 12 टीमें भेजीं। 5 टीम स्टैंड बाय पर है। साथ ही विमानों और जहानों के साथ इंडियन आर्मी, नेवी और कॉस्ट गार्ड की टीमें भी इमरजेंसी के लिए मुस्तैद हैं।
1 लाख से अधिक लोग सुरक्षित स्थान पर हुए शिफ्ट
दक्षिण और उत्तर 24 परगना जिलों के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चक्रवाती तूफान के चलते सुंदरबन और तटीय इलाकों से लगभग 1,10,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया। बचाव और राहत कार्यों के लिए राज्य आपदा प्रबंधन कर्मचारियों को पूरे तटीय क्षेत्र में तैनात किया गया है। साथ में केंद्र की भी टीमें हैं।