Cyclone michaung Chennai Flood: मिचौंग साइक्लोन की वजह से चैन्नई की सड़कें पानी से भर गई हैं। चैन्नई में 2 दिसंबर से मिचौंग तूफान के कारण लगातार बारिश हो रही है। ऐसा नहीं है कि इस पानी को निकालने के लिए सरकार ने कोई इंतजाम नहीं किया है। चैन्नई समुद्र के किनारे बसा है इसलिए यहां तूफान जैसे खतरों से निपटने के लिए शानदार ड्रेनेज सिस्टम है। इसके बावजूद पूरी चैन्नई पानी-पानी हो गई हैं। सब कुछ डूब गया है।
चैन्नई में बाढ़ से निपटने के लिए सरकार ने 3319 किलोमीटर लंबा नहरी नेटवर्क विकसित किया हुआ है। इसके बावजूद चैन्नई में बाढ़ जैसी स्थिति है। तूफान का कहर चैन्नई में साफ दिख रहा है। हवा के तेज झोंके के साथ आई बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी भर गया है।

चैन्नई नगर निगम के आयुक्त डाॅ. जे राधाकृष्णन ने बताया कि साइक्लोन चैन्नई के निकट है लेकिन इसकी गति धीमी है। उन्होंने बताया कि करीब 31 छोटी और 4 बड़ी नहरों के अलावा 3 नदियों के जरिये भी जल निकाली की व्यवस्था की गई है। यह सभी पानी आउटलेट के माध्यम से बंगाल की खाड़ी में गिरता हैं। राधाकृष्णन ने बताया कि साइक्लोन की भारी लहरों के कारण शहर का अतिरिक्त पानी निकल नहीं पा रहा है। वहीं चैन्नई नगर निगम लगातार निचले इलाकों की निगरानी भी कर रहा है।
https://twitter.com/mindgage/status/1731871667658330521
3319 किलोमीटर लंबा नहरी सिस्टम ठप
बता दें कि चैन्नई में बाढ़ का पानी इतना भर गया है कि 3319 किलोमीटर लंबा नहरी सिस्टम ठप हो गया है। शहर के अतिरिक्त पानी की निकासी नहीं होने की वजह से शहर के लोगों को भंयकर जलभराव की समस्या से गुजरना पड़ रहा है। शहर के 22 में से 11 सब वे बंद कर दिये गय हैं। साइक्लोन को लेकर बनाए नियंत्रण कक्ष में भी पानी भर गया है। शहर की स्ट्रीट लाइट्स क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जगह-जगह पोख उखड़ गये हैं। निगम के 1 हजार पंप शहर से पानी को निकालने में जुटे हैं। एक्सपर्ट लगातार पानी निकासी को लेकर काम कर रहे हैं। प्रभावित लोगों को निकाला जा रहा है। इसके अलावा मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं।
https://twitter.com/pun_nagaii/status/1731859646800109723
Cyclone michaung Chennai Flood: मिचौंग साइक्लोन की वजह से चैन्नई की सड़कें पानी से भर गई हैं। चैन्नई में 2 दिसंबर से मिचौंग तूफान के कारण लगातार बारिश हो रही है। ऐसा नहीं है कि इस पानी को निकालने के लिए सरकार ने कोई इंतजाम नहीं किया है। चैन्नई समुद्र के किनारे बसा है इसलिए यहां तूफान जैसे खतरों से निपटने के लिए शानदार ड्रेनेज सिस्टम है। इसके बावजूद पूरी चैन्नई पानी-पानी हो गई हैं। सब कुछ डूब गया है।
चैन्नई में बाढ़ से निपटने के लिए सरकार ने 3319 किलोमीटर लंबा नहरी नेटवर्क विकसित किया हुआ है। इसके बावजूद चैन्नई में बाढ़ जैसी स्थिति है। तूफान का कहर चैन्नई में साफ दिख रहा है। हवा के तेज झोंके के साथ आई बारिश के कारण कई निचले इलाकों में पानी भर गया है।

चैन्नई नगर निगम के आयुक्त डाॅ. जे राधाकृष्णन ने बताया कि साइक्लोन चैन्नई के निकट है लेकिन इसकी गति धीमी है। उन्होंने बताया कि करीब 31 छोटी और 4 बड़ी नहरों के अलावा 3 नदियों के जरिये भी जल निकाली की व्यवस्था की गई है। यह सभी पानी आउटलेट के माध्यम से बंगाल की खाड़ी में गिरता हैं। राधाकृष्णन ने बताया कि साइक्लोन की भारी लहरों के कारण शहर का अतिरिक्त पानी निकल नहीं पा रहा है। वहीं चैन्नई नगर निगम लगातार निचले इलाकों की निगरानी भी कर रहा है।
3319 किलोमीटर लंबा नहरी सिस्टम ठप
बता दें कि चैन्नई में बाढ़ का पानी इतना भर गया है कि 3319 किलोमीटर लंबा नहरी सिस्टम ठप हो गया है। शहर के अतिरिक्त पानी की निकासी नहीं होने की वजह से शहर के लोगों को भंयकर जलभराव की समस्या से गुजरना पड़ रहा है। शहर के 22 में से 11 सब वे बंद कर दिये गय हैं। साइक्लोन को लेकर बनाए नियंत्रण कक्ष में भी पानी भर गया है। शहर की स्ट्रीट लाइट्स क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जगह-जगह पोख उखड़ गये हैं। निगम के 1 हजार पंप शहर से पानी को निकालने में जुटे हैं। एक्सपर्ट लगातार पानी निकासी को लेकर काम कर रहे हैं। प्रभावित लोगों को निकाला जा रहा है। इसके अलावा मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं।