Cybercrime Complaints Increasing In India: भारत में साइबर क्राइम की संख्या में लगातार तेजी आती जा रही है। इस साल यानी 2024 में मई तक हर रोज औसतन 7000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं। इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के सीईओ राजेश कुमार ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि भारत में लोगों को निशाना बना रहे अधिकांश साइबर अपराधी दक्षिण एशिया की प्रमुख जगहों से काम कर रहे हैं। इन जगहों में कंबोडिया के की कई जगहें, थाईलैंड और म्यांमार के म्यावाडी व श्वे कोक्को जैसे शहर शामिल हैं और भारत में लोगों को टारगेट कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि देश में साइबर क्राइम की शिकायतों में 2021 से 2022 के बीच 113.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, 2022 से 2023 के बीच यह आंकड़ा 60.9 प्रतिशत रहा है। पिछले कुछ साल से साइबर क्राइम की शिकायतों में लगातार तेजी देखी है। साल 2019 में ऐसी शिकायतों की संख्या 26,049 रही थी। साल 2020 में यह आंकड़ा 2 लाख 55 हजार 777, 2021 में 4 लाख 52 हजार 414, 2022 में 9 लाख 56 हजार 790 और 2023 में 15 लाख 56 हजार 215 रहा। साल 2014 में अभी तक 7 लाख 40 हजार 957 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। अधिकतर शिकायतें फर्जी ट्रेडिंग एप्स, लोन एप्स, गेमिंग एप्स और डेटिंग एप्स से जुड़ी हैं।
इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच ऐसी रही स्थिति
इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर को इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच डिजिटल फ्रॉड से जुड़ी कुल 4599 शिकायतें मिली थीं। इनमें स्कैमर्स ने कुल 1203.06 करोड़ रुपये का चूना लगाया था। इसके अलावा ट्रेडिंग स्कैम्स की 20,043 शिकायतें आईं जिनमें लोगों को 14,205.83 करोड़ का नुकसान हुआ। इन्वेस्टमेंट स्कैम्स की 62,687 शिकायतें मिलीं। इनके जरिए साइबर क्रिमिनल्स ने लोगों के 2225.82 करोड़ साफ कर दिए। इसके अलावा 1725 डेटिंग स्कैम्स की शिकायतें मिलीं जिनमें 132.31 करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ। बता दें कि विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से कुल मिलाकर 10,000 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
साइबर अपराधियों के खिलाफ क्या हुआए ऐक्शन?
फर्जीवाड़ा करने वाले इन लोगों के खिलाफ ऐक्शन की बात करें तो पिछले 4 महीने में करीब 3.25 लाख बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं। इसके अलावा 5.3 लाख सिम कार्ड ब्लॉक किए गए हैं। व्हाट्सएप ग्रुप्स समेत 3401 सोशल मीडिया अकाउंट भी ब्लॉक किए गए हैं। साइबरक्राइम के मामलों में आई ये तेजी एक बेहद खतरनाक ट्रेंड की ओर इशारा कर रही है। इसके साथ ही ऐसे लोगों से बचने के लिए यह मजबूत साइबर डिफेंस मैकेनिज्म, लोगों के बीच जागरूकता फैलाने और ठोस लीगल फ्रेमवर्क की जरूरत पर भी रोशनी डालती है। बता दें कि साइबर क्रिमिनल्स ने समय के साथ लोगों को चूना लगाने के लिए अपने तरीके भी बदले हैं।