केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने सुरक्षा अभियानों में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाते हुए एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है. पहली महिला क्विक रिएक्शन टीम यानी QRT कोर्स' का भव्य पासिंग आउट परेड के साथ सफलतापूर्वक समापन किया गया है. इसी के साथ, CISF की 10वीं रिजर्व बटालियन को आधिकारिक तौर पर बल का 'महिला QRT प्रशिक्षण केंद्र' घोषित कर दिया गया है.
---विज्ञापन---
इस पहले बैच की महिला कमांडोज को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बेहद कठोर और विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया गया है. सामान्य सुरक्षा दायरों से आगे बढ़कर इन महिला कमांडोज को कई स्टेज के लिए ताकतवर बनाया गया है. टैक्टिकल ऑपरेशन्स और क्लोज-क्वार्टर बैटल यानी CQB जटिल शहरी माहौल में ऑपरेशन चलाने और बंधक संकट जैसी गंभीर स्थितियों से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है. काउंटर-टेररिज्म यानी आतंकवाद विरोधी के ट्रेनिंग के दौरान किसी भी अचानक हुए हथियारबंद खतरे को तेजी और सटीकता के साथ नाकाम करने के लिए खास तौर पर ट्रेनिंग दी गई है.
---विज्ञापन---
रैपिड रिस्पॉन्स और रिफ्लेक्स फायरिंग की भी ट्रेनिंग दी गई है, ताकि आधुनिक और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करते हुए त्वरित कार्रवाई करना, ताकि देश के अहम प्रतिष्ठानों को हर आपात स्थिति में सुरक्षित रखा जा सके.
---विज्ञापन---
बता दें, महिलाओं को फ्रंट सुरक्षा मोर्चों और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशंस में शामिल करने के लिए सीआईएसएफ लगातार कई अहम कदम उठा रहा है. इससे पहले, बल के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र (RTC), बड़वाह में पहले महिला कमांडो बैच का प्रशिक्षण शुरू किया गया था. हाल ही, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की सीआईएसएफ यूनिट की 'क्विक रिएक्शन टीम' (QRT) विंग में 22 महिला जवानों को शामिल किया गया है. इस कदम से देश के सबसे व्यस्त जन-परिवहन नेटवर्क में से एक, दिल्ली मेट्रो की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता और भी सुदृढ़ हुई है. इसके अलावा, देश के विभिन्न संवेदनशील हवाई अड्डों की सुरक्षा में भी सीआईएसएफ की महिला क्यूआरटी पूरी मुस्तैदी से तैनात हैं.
---विज्ञापन---
गौरतलब है कि देश के सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में सीआईएसएफ के पास महिला कर्मियों का अनुपात सबसे अधिक है. बल लगातार अपनी महिला कर्मियों को सुरक्षा कर्तव्यों में सबसे आगे लाने और उन्हें विशेष ऑपरेशंस के लिए सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रहा है. 10वीं रिजर्व बटालियन में इन महिला कमांडो का तैयार होना देश की सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है.
---विज्ञापन---