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ब्लैक सी में भारतीय नाविक की मौत के बाद केंद्र सरकार अलर्ट, जारी की नई एडवाइजरी

ब्लैक सी में एक भारतीय नाविक की मौत के बाद केंद्र सरकार ने भारतीय समुद्री कर्मियों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है. सरकार ने विदेश में समुद्री नौकरी स्वीकार करने से पहले सुरक्षा जोखिम, जहाज के संचालन क्षेत्र और शिपिंग कंपनी की विश्वसनीयता की जांच करने की सलाह दी है.

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ब्लैक सी (काला सागर) क्षेत्र में एक भारतीय नाविक की मौत के बाद केंद्र सरकार ने भारतीय समुद्री कर्मियों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है. सरकार ने समुद्री क्षेत्र में कार्यरत नाविकों और विदेश में नौकरी करने के इच्छुक भारतीयों से कहा है कि किसी भी जहाज पर नियुक्ति स्वीकार करने से पहले उस क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, संभावित खतरे और यात्रा से जुड़े जोखिमों का गंभीरता से आकलन करें. सरकार का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है.

बता दें कि यह एडवाइजरी पिछले हफ्ते ब्लैक सी इलाके में कमर्शियल जहाजों पर हुए दो हमलों में पांच भारतीयों की मौत के बाद जारी की गई है. कल हुए ताजा हमले में एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि 19 जुलाई को इसी तरह के हमले में चार अन्य लोगों की जान चली गई थी.

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सरकार ने दी चेतावनी

विदेश मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, ब्लैक सी के कई हिस्से अब भी सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील बने हुए हैं. क्षेत्रीय संघर्ष, ड्रोन और मिसाइल हमलों की आशंका और समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए वहां जहाजों के चालक दल को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. इसे देखते हुए सरकार ने भारतीय नाविकों से अपील की है कि वे किसी भी बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने से पहले जहाज के संचालन क्षेत्र, कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था और संभावित जोखिमों की पूरी जानकारी जरूर प्राप्त करें.

शिपिंग कंपनियों को दी सलाह

इसके अलावा सरकार ने भारतीय शिपिंग कंपनियों और अधिकृत भर्ती एजेंसियों से भी कहा है कि वे नाविकों को नियुक्ति से पहले संभावित सुरक्षा जोखिमों के बारे में स्पष्ट जानकारी दें. इसके अलावा यह सुनिश्चित किया जाए कि चालक दल के पास पर्याप्त बीमा सुरक्षा, आपातकालीन संपर्क व्यवस्था और किसी भी तरह के संकट की स्थिति में वहां से सुरक्षित बाहर निकलने के लिए कोई दूसरा प्लान हो. अधिकारियों का मानना है कि पारदर्शी जानकारी और उचित तैयारी से खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

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First published on: Jul 26, 2026 01:40 PM

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