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लॉरेंस बिश्नोई का नाम माता-पिता ने लॉरेंस क्यों रखा? पुलिसवाले का बेटा कैसे बना जरायम की दुनिया का बादशाह!

Baba Siddiqui Murder Case: बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई फिर से सुर्खियों में है। पुलिसवाले का बेटा कैसे एक गैंगस्टर बन गया? पिता का सपना कुछ और ही था। एनआईए भी लॉरेंस को लेकर चौंकाने वाले खुलासे कर चुकी है। इस गैंगस्टर को लेकर एक खास बात आपको बता रहे हैं।

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Edited By : Parmod chaudhary Updated: Oct 14, 2024 20:36
Lawrence Bishnoi

Baba Siddiqui Murder: मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद फिर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई सुर्खियों में है। गुजरात की हाई सिक्योरिटी साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर कैसे अपने गुर्गों के टच में है? ये भी अपने आप में सवाल है। पंजाब के अबोहर जिले के गांव धत्तरांवाली में एक पुलिस कॉन्स्टेबल के घर पैदा हुए लॉरेंस को लेकर माता-पिता ने अलग ही सपने संजोए थे। 22 फरवरी 1992 को एक साधारण गृहिणी ने जिस बेटे को जन्म दिया था। शायह ही सोचा हो कि बेटा एक दिन जुर्म की दुनिया में चला जाएगा। बचपन से ही लॉरेंस इतना गोरा था कि माता-पिता ने उसका नाम लॉरेंस रखा। लॉरेंस क्रिश्चियन नाम है, जिसका अर्थ होता है एकदम साफ और चमकता हुआ। लेकिन किसी ने नहीं सोचा होगा कि गोरा-चिट्टा लॉरेंस एक दिन ऐसे ‘काले’ कारनामों को अंजाम देगा, जिसके बारे में शायद ही कोई सोच पाए।

सलमान की जान का दुश्मन बना लॉरेंस

लॉरेंस बिश्नोई समुदाय से आता है। जो काले हिरण के शिकार मामले में नाम सामने आने के बाद सलमान खान के खून का प्यासा बन चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार माता-पिता लॉरेंस को स्पोर्ट्समैन बनाना चाहते थे। चंडीगढ़ की एक यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने तक सब कुछ ठीक था। लेकिन बाद में लॉरेंस अपराधियों के संपर्क में आ गया। जिसके बाद उसका नाम पुलिस स्टेशनों की फाइलों में दर्ज होने लगा।

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यह भी पढ़ें:मूसेवाला से लेकर बाबा सिद्दीकी मर्डर तक… बाबा महाकाल की नगरी में ही क्यों होती है लॉरेंस के गुर्गों की तलाश?

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद लॉरेंस का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा था। बताया जाता है कि चंडीगढ़ की एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान वह कुश्ती का खिलाड़ी था। जो रेगुलर प्रैक्टिस करता था। इसी दौरान उसने अपना छात्र संगठन बनाया। लेकिन वह चुनाव हार गया। हार के गम में उसने एक रिवॉल्वर खरीदी थी। साल 2011 में उसकी विरोधी गुट से मुठभेड़ हुई थी। इसके बाद पहली बार लॉरेंस पर फायरिंग का केस दर्ज हुआ था।

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बंबीहा गैंग से टकराव

इसके बाद लॉरेंस बिश्नोई ने जेल में गैंग बना ली। बाहर आने के बाद उसका पंजाब के कुख्यात बदमाश दविंदर बंबीहा से विवाद हो गया। जिसके बाद बंबीहा और बिश्नोई गैंग में टकराव शुरू हो गया। 2016 में पंजाब पुलिस ने एक एनकाउंटर में दविंदर बंबीहा को मार गिराया था। बताया ये भी जाता है कि अबोहर में एक स्कूल में लॉरेंस को प्यार हो गया था। उस लड़की के साथ लॉरेंस चंडीगढ़ के एक स्कूल में भी 12वीं में साथ पढ़ा था। लेकिन गैंगवार में उसकी गर्लफ्रेंड का मर्डर हो गया था, जिसके बाद उसने जुर्म की दुनिया में कदम रखा।

यह भी पढ़ें:700 शूटर्स का रोस्टर… एक कॉल, कहीं भी कर डालते हैं वारदात; कितनी पावरफुल है लॉरेंस बिश्नोई की गैंग?

First published on: Oct 14, 2024 08:36 PM

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