BR Ambedkar Family: बाबा साहेब भीम राव अंबेकर को भारतीय संविधान का जनक कहा जाता है। वही सविंधान जिसकी वजह से भारत पिछले 70 सालों से दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बना। डॉक्टर बीआर अंबेडर का निधन 1956 में हुआ था। मगर क्या आप जानते हैं कि अंबेडकर के परिवार में कुल कितने सदस्य थे और उनके बेटे या पोते आज कहां हैं? अगर नहीं तो आइए आज बाबा साहेब अंबेडकर की जंयती पर आपको उनके परिवार से रूबरू करवाते हैं।
रमाबाई अंबेडकर की पहली पत्नी थीं। महज 15 साल की उम्र में अंबेडकर की शादी 9 साल की रमाबाई से हो गई थी। अंबेडकर की सफलता में रमाबाई का भी अहम योगदान था, जिसका जिक्र अंबेडकर ने अपनी किताब थॉट्स ऑन पाकिस्तान में किया है। हालांकि लंबे समय तक बीमारी से पीड़ित रहने के बाद 1935 में रमाबाई का निधन हो गया।
1948 में अंबेडकर ने सविता से दूसरी शादी कर ली। उस दौरान अंबेडकर काफी बीमार रहते थे और सविता ने उनकी देखभाल करके उन्हें दूसरा जीवन दिया था। वहीं सविता एक ब्राह्मण परिवार से थीं, जिसकी वजह से सविता और अंबेडकर की शादी का काफी विरोध हुआ था। अंबेडकर की मौत के बाद सविता अंबेडकर की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया में एक्टिव थीं। 2003 में सविता ने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।
बाबा साहेब अंबेडकर के पांच बच्चे हुए। मगर पांचो भाई-बहन में सिर्फ यशवंत की जिंदा रहे, बाकी सभी बच्चों की मौत बचपन में ही हो गई थी। यशवंत अंबेडकर एक अखबार में चीफ एडिटर और लेखक थे। बाद में वो महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य बने। 1977 में यशवंत की मृत्यु पर उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए 10 लाख लोगों का काफिला उमड़ा था।
यशवंत अंबेडकर की तीन संताने हैं, दो बेटे और 1 बेटी। यशवंत के बड़े बेटे का नाम प्रकाश अंबेडकर है। प्रकाश अंबेडकर समाज सेवक होने के साथ-साथ महाराष्ट्र की राजनीति में भी काफी एक्टिव रहते हैं। वो एक बार राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं। 2018 में उन्होंने वंचित बहुजन आघाड़ी की स्थापना की।
अंबेडकर के छोटे पोते का नाम आनंदराज है। इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद भी आनंदराज राजनीति में एक्टिव रहते हैं। उन्होंने रिपब्लिकन सेना की नींव रखी है। बता दें कि आनंदराज के तीन बेटे साहिल, अमन और भीमराव हैं।
सुजत, प्रकाश अंबेडकर के बेटे और बाबा साहेब अंबेडकर के परपोते हैं। अंबेडकर की चौथी पीढ़ी का प्रतिनिधत्व करने वाले 26 साल के सुजत सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। पत्रकारिता की डिग्री हासिल करने के बाद से सुजत राजनीति में पिता प्रकाश अंबेडकर का साथ देते हैं।