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Uttarkashi Cloud burst: उत्तरकाशी में रेस्क्यू के लिए सेना ने बनाया 48 घंटे का प्लान, गंगोत्री से निकाले जाएंगे फंसे 200 टूरिस्ट

Uttarkashi Cloud burst: उत्तरकाशी के धराली में रेस्क्यू के लिए भारतीय सेना ने प्लान तैयार कर लिया है। सेना ने 24 से 48 घंटे के लिए प्लानिंग कर ली है। चिनूक और एमआई-17 हेलीकॉप्टर जॉलीग्रांट में तैनात हैं। पढ़िए सेना की पूरी योजना।

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Written By: News24 हिंदी Updated: Aug 7, 2025 12:17
धराली में सेना ने चलाया रेस्क्यू अभियान।.jpg
धराली में सेना ने चलाया रेस्क्यू अभियान।

Uttarkashi Cloud burst: उत्तरकाशी के धराली में रेस्क्यू के लिए भारतीय सेना ने प्लान तैयार कर लिया है। बादल फटने के बाद अभी तक मौसम सही नहीं होने की वजह से सेना पूरी तरह से रेस्क्यू अभियान नहीं चला पाई है। अब मौसम थोड़ा साफ होने की उम्मीद पर सेना ने 24 से 48 घंटे के लिए प्लानिंग कर ली है। चिनूक और एमआई-17 हेलीकॉप्टर जॉलीग्रांट में तैनात हैं। सेना ने बताया कि मौसम अनुकूल रहने पर 7 अगस्त से ही टीम बुलाने और नागरिकों को निकालने का काम शुरू होने की संभावना है। सहस्त्रधारा से 5 नागरिक हेलीकॉप्टर एसडीआरएफ के समन्वय में बचाव कार्यों के लिए मातली, भटवारी और हर्षिल के बीच काम कर रहे हैं। भारतीय सेना ने बताया कि इंजीनियरों, डॉक्टरों और बचाव एक्सपर्ट समेत 225 से ज्यादा सैनिक मैदान पर तैनात हैं। टेकला में एक रीको रडार टीम तैनात है। एक और रीको रडार को शामिल किया जा रहा है। डॉग स्कॉट की टीम तैनात है। चिनूक और एमआई-17 हेलीकॉप्टर जॉलीग्रांट में तैनात हैं।

गंगोत्री से निकाले जाएंगे 200 टूरिस्ट

उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना के बाद मुख्यमंत्री ने धराली का दौरा किया। भारतीय सेना ने बताया कि सेना के मध्य कमान के सेना कमांडर और यूबी क्षेत्र के जीओसी जमीनी स्तर पर मौजूद हैं। अभियान की निगरानी कर रहे हैं। मध्य कमान के चीफ ऑफ स्टाफ, मध्य वायु कमान मुख्यालय के साथ समन्वय में हैं, ताकि हेलीकॉप्टर से निर्बाध संचालन हो सके। गंगोत्री में फंसे लगभग 180-200 पर्यटकों को भारतीय सेना और आईटीबीपी भोजन, रुकने का स्थान और चिकित्सा सहायता दे रही है। इन्हें जल्द ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाएगा।

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नेलोंग हेलीपैड से निकाले जाएंगे टूरिस्ट

सेना ने अगले 24-48 घंटों की कार्ययोजना बना ली है। बताया कि अर्धसैनिक बलों और चिकित्सा दलों को चिनूक हेलीकॉप्टरों के जरिए हर्षिल पहुंचाया जाएगा। एनडीआरएफ कर्मियों और चिकित्साकर्मियों को एमआई-17 हेलीकॉप्टरों द्वारा नेलोंग पहुंचाया जाएगा। वापसी उड़ानों में पर्यटकों को नेलोंग हेलीपैड से निकाला जाएगा। सेना ने कहा कि उत्तरकाशी और टेकला से आगे सड़क खोलने के प्रयास जारी है।

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इन जगहों पर अभी भी लैंडस्लाइड

भारतीय सेना ने जानकारी देते हुए बताया कि अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर धराली क्षेत्र में मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियान को और तेज कर रही है। लैंडस्लाइड सड़कों के टूटने की वजह से अभी भी धराली नहीं पहुंचा जा सकता है। बर्तवारी, लिंचीगाड, हरसिल के पास, गंगरानी और धराली की सड़कें बुरी तरह बाधित हैं। हर्षिल में सैन्य हेलीपैड चालू है। नेलांग में हेलीपैड चालू है। सड़क मार्ग से गंगोत्री से जुड़ा है, जिससे पर्यटकों की आवाजाही आसान हो रही है। धराली में सिविल हेलीपैड भूस्खलन के कारण बंद पड़ा है।

अभी घायलों और मृतकों की संख्या

भारतीय सेना ने बताया कि अब तक 70 नागरिकों को बचाया गया। 3 नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई। वहीं प्रशासन ने 50 से ज्यादा लापता होने की पुष्टि की है। सेना के 1 जेसीओ और 8 जवान लापता हैं। 9 सैन्यकर्मियों और 3 नागरिकों को हेलीकॉप्टर से देहरादून पहुंचाया गया है। 3 गंभीर रूप से घायल नागरिकों को एम्बुलेंस से एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया। 8 नागरिकों को उत्तरकाशी के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। 2 शव बरामद हो चुके हैं।

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First published on: Aug 07, 2025 11:55 AM

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