तमिलनाडु के पेरंबलूर में बड़ा सड़क हादसा हुआ है. एक कार ने 5 श्रद्धालुओं को टक्कर मार दी. हादसे में 4 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है और एक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल है.
Today Breaking News in Hindi LIVE Updates: आज साल 2026 के पहले महीने की आखिरी तारीख यानी 31 जनवरी दिन शनिवार है और आज की प्रमुख खबर की बात करें तो आज NCP के दिवंगत नेता अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र के डिप्टी CM पद की शपथ ग्रहण करेंगी, वहीं उनके बड़े बेटे पार्थ पवार को उनकी जगह राज्यसभा भेजा जा रहा है.
वहीं देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज फरीदाबाद जिले में लगने वले सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले का उद्घाटन करेंगी. दूसरी ओर, आज दिल्ली में भारत और अरब देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक होनी है. इसके अलावा आज दिनभर की देश-दुनिया से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर के लिए बने रहें News 24 के साथ…
सुनेत्रा पवार बारामती से मुंबई के निकल गई हैं, जहां आज दोपहर 2 बजे वे NCP के विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेंगी. वहीं अगर वे विधायक दल की नेता चुनी जाती हैं तो शाम 5 बजे उन्हें महाराष्ट्र के डिप्टी CM पद की शपथ दिलाई जाएगी.
जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों ने 2 से 3 आतंकियों को घेरा हुआ है और मुठभेड़ भी चल रही है. बीते दिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने किश्तवाड़ के 3 इलाकों में इंटरनेट बंद कर दिया था. वहीं आज मुठभेड़ किश्तवाड़ के डोलगाम इलाके में चल रही है. यहां से आतंकवादी 18 जनवरी, 22 जनवरी और 24 जनवरी को भाग गए थे और फिर से उनके यहां होने का सुराग मिला है. भारतीय सेना और SOG किश्तवाड़ ने आतंकियों को घेर रखा है और सभी आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य बताए जा रहे हैं.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिन के दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंच चुके हैं. शनिवार को वो पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होंगे. बैरकपुर में कार्यकर्ताओं की एक बैठक में हिस्सा लेंगे. फिर उत्तर बंगाल के लिए उड़ान भरेंगे. यहां भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के कार्यक्रम में शामिल होना है.
फरीदाबाद में लगे वाले 15 दिवसीय सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेले का उद्घाटन आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी. उद्घाटन समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत उपस्थित रहेंगे. मेला 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक चलेगा और इस बार मेले की केंद्रीय थीम स्थानीय कारीगरों की पारंपरिक कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है.










