Heart Murmurs: क्या आप जानते हैं दिल भी घबराता है? जानें इसका मतलब, संकेत और लक्षण

Heart Murmurs Symptoms: हार्ट मर्मर यानी कि दिल में घबराहट, सीधे शब्दों में कहें तो इसका मतलब है आपके दिल की धड़कन के दौरान बेचैनी महसूस होना और खून की बहती आवाजें आना। आखिर क्या होता है हार्ट मर्मर और इसके लक्षण, जानिए।

heart murmur treatment,when to worry about a heart murmur,can you die from a heart murmur,heart murmur symptoms in adults,when to worry about a heart murmur in adults,how long can you live with a heart murmur,heart murmur in female adults,heart murmur in elderly

Image Credit: Freepik

Heart Murmurs Symptoms: दिल हर धड़कन के साथ ब्लड वेसेल्स में खून को पंप करता है। इस पंपिंग के कारण ब्लड के फ्लो से हूशिंग या स्विशिंग जैसी आवाज आती है, जिसे दिल में बड़बड़ाहट या हार्ट मर्मर के रूप में जाना जाता है। इन आवाजों को डॉक्टर अपने स्टेथोस्कोप से सुन सकता है। दिल की एक-एक धड़कन में वाल्वों के बंद होने या खुलने से लब-डप्प (Lub-Dapp) आवाज होती है।

विज्ञापन

दिल की बड़बड़ाहट दिल के चैम्बर्स और वाल्वों के जरिए या दिल के पास ब्लड वेसेल्स के माध्यम से होने वाले ब्लड के द्वारा बनाई गई साउड्स हैं। दिल में बड़बड़ाहट बच्चों में आम है और हानिकारक नहीं है। इन दिल में बड़बड़ाहटों को “सामान्य” या “शारीरिक” बड़बड़ाहट भी कहा जाता है। दिल में बड़बड़ाहट इतनी आम है कि ज्यादातर बच्चों में कभी न कभी ऐसा होने की संभावना होती है। ये कभी भी गायब हो सकती है और फिर से उत्पन्न हो सकती हैं। जब किसी बच्चे की हार्ट रेट बदलती है, जैसे एक्साइटेड या डर के दौरान, तो ये बड़बड़ाहट तेज या नरम हो सकती है। यह वैसे संकेत नहीं देता है कि बड़बड़ाहट चिंता का कारण है।

विज्ञापन

ये भी पढ़ें- Flu का टीका कब लगवाएं और किन्हें लगवाना चाहिए? जानें वो सब जो जानना है जरूरी

अगर आपका डॉक्टर आपके बच्चे के दिल की बात सुनते समय बड़बड़ाहट सुनता है, तो वे इसके लिए टेस्ट जैसे- इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) या इकोकार्डियोग्राम (Echo) की रेकमेंडेड कर सकते हैं। यह साफ करने के लिए है कि बड़बड़ाना नहीं है। जब तक टेस्ट से अन्य बातों का पता न चले, किसी अलग स्टेप्स की जरूरत नहीं है।

दिल की बड़बड़ाहट के साथ, बच्चे को दवा की जरूरत नहीं होगी और उसे दिस से जुड़ी कोई समस्या या दिल की बीमारी नहीं होगी। आपको अपने बच्चे की गतिविधियों या डाइट पर रोक लगाने की जरूरत नहीं होगी। वे एक्टिव और हेल्दी लाइफ जी सकते हैं! जब बच्चे बड़े हो जाता हैं तो अधिकतर बड़बड़ाहट गायब हो जाती है, लेकिन कुछ बड़ों में बड़बड़ाहट लाइफटाइम बनी रहती है।

विज्ञापन

ये भी पढ़ें- क्या है डॉक्टरों के लिए ‘वन नेशन, वन रजिस्ट्रेशन’ प्रोजेक्ट, मरीजों के लिए कैसे फायदेमंद?

क्या हैं इसके कारण

असामान्य दिल में बड़बड़ाहट अक्सर हार्ट वाल्व के कारण होती है। उदाहरण के तौर पर, एक Stenosis हार्ट वाल्व का Regurgitation (पुनर्जनन) सामान्य से छोटा होता है और यह पूरी तरह से नहीं खुल सकता है। इससे रिप्रोडक्शन होता है, जो वाल्व के बंद होने पर खून के माध्यम से पीछे की ओर रिसने लगता है। कुछ जन्मजात दोष (Congenital Defects) और अन्य कारण जैसे गर्भावस्था, बुखार, एनीमिया या थायरोटॉक्सिकोसिस (Thyrotoxicosis) भी बड़बड़ाहट का कारण बन सकती हैं।

एक बड़बड़ाहट जो तब होती है जब दिल की मांसपेशियां धड़कनों के बीच ढीली हो जाती हैं, डायस्टोलिक (Diastole) बड़बड़ाहट कहलाती है। सिस्टोलिक बड़बड़ाहट तब होती है जब दिल की मांसपेशी सिकुड़ती है।सिस्टोलिक बड़बड़ाहट को जोर के आधार पर 1 से 6 तक क्लासिफाइड किया जाता है। ग्रेड 1 हल्का होता है, जिसे काफी प्रयास के बाद ही सुना जा सकता है। यह नॉर्मल हार्ट साउंड से अधिक नरम है। ग्रेड 6 हद से ज्यादा तेज है और इसे स्टेथोस्कोप और छाती के बीच बिना किसी संपर्क के सुना जा सकता है।

विज्ञापन

दिल में बड़बड़ाहट के लक्षण

  • सांस लेने में तकलीफ
  • सीने में दर्द
  • थकान होना
  • चक्कर आना
  • पैरों में सूजन

Disclaimer: इस लेख में बताई गई जानकारी और सुझाव को पाठक अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। News24 की ओर से किसी जानकारी और सूचना को लेकर कोई दावा नहीं किया जा रहा है।

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ