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हेल्थ

एक नहीं इन 5 बीमारियों का कारण है ज्यादा तला-भुना खाना! जानें सेहत को कैसे हो रहा नुकसान?

Health Tips: तली-भुनी चीजें जैसे समोसा, कचौरी, पकौड़े, पूड़ी, फ्रेंच फ्राइज और चिप्स हमारे खानपान में स्वाद का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन स्वादिष्ट चीजों के पीछे छुपा है बीमारियों का घर? जी हां, आजकल हम लोग स्वाद को इतनी ज्यादा अहमियत देने लगे हैं कि स्वास्थ्य के प्रति भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

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Edited By : Namrata Mohanty Updated: May 6, 2025 15:06

Health Tips: गर्मियों में तला-भुना खाना खाने से बचना चाहिए क्योंकि ये हमें बीमारियां दे सकता है। ऐसे में हमें अपने स्वाद से थोड़ा परहेज जरूर करना चाहिए ताकि बीमारियों से बच सकें। आइए रिपोर्ट में जानते हैं ज्यादा तला-भुना खाने से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स कई बार बता चुके हैं कि तला-भुना खाना खाने से हमें कैंसर जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं लेकिन भारत में लोग सब जानने के बावजूद भी ऐसे फूड्स का रोजाना सेवन करते हैं। हालांकि, ज्यादा फ्राइड फूड्स हमारे लिए किसी भी मौसम में अच्छे नहीं होते हैं। मगर गर्मियों में इसका दुष्प्रभाव ज्यादा देखने को मिलता है।

1. मोटापा और वजन बढ़ना

SAAOL, आसनसोल, हार्ट सेंटर के हार्ट विशेषज्ञ, डॉक्टर बिमल छाजेड़ के मुताबिरक, तले-भुने खाने में तेल की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो शरीर में एक्स्ट्रा कैलोरी के रूप में जमा हो जाती है। यह फैट के रूप में जमती है और मोटापा बढ़ाती है। मोटापा अपने साथ डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियां भी लाता है।

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2. कोलेस्ट्रॉल और हार्ट हेल्थ

तले हुए भोजन में ट्रांस फैट्स और सैचुरेटेड फैट्स होते हैं, जो खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को कम करते हैं। इससे ब्लड वेस्लस में रुकावट आती है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का कारण बन सकती है।

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3. लिवर और किडनी पर असर

तली-भुनी चीजें ज्यादा खाने से शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ जाते हैं। इससे लिवर और किडनी की कार्यक्षमता धीमी हो जाती है। लगातार ऐसा खाना इन अंगों पर दबाव डालता है और इनसे जुड़ी बीमारियों के रिस्क को बढ़ाता है।

4. कैंसर का रिस्क

अगर हम एक तेल को बार-बार गर्म करके प्रयोग करते हैं, तो उसमें एक्रिलामाइड जैसे हानिकारक रसायन बनते हैं। यह एक कार्सिनोजेनिक तत्व होता है, जो खासतौर पर पेट और आंतों के कैंसर का रिस्क बढ़ाता है।

5. डायबिटीज का रिस्क

तेल में तली हुई चीजों के सेवन से इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ता है, जिससे शरीर शुगर को नियंत्रित नहीं कर पाता है। लगातार ऐसा खाना टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को बढ़ाता है।

बचाव के उपाय

  • तले हुए खाने की मात्रा को कम करें। हफ्ते में 1–2 बार ही खाएं।
  • घरेलू और ताजे तेल में ही चीजें फ्राई करें, बार-बार उपयोग न करें।
  • भाप में पकी, उबली या ग्रील्ड चीजें ज्यादा खाएं।
  • फल, सब्जियां और फाइबर युक्त आहार लें।
  • नींबू पानी, ग्रीन टी, और पानी अधिक पिएं।

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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।

First published on: May 06, 2025 03:06 PM

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