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World News: अमेरिका बोला- तेहरान जिद्द छोड़े, ईरान परमाणु समझौते पर अब नई बातचीत नहीं

अमेरिका: वर्ष 2015 के ईरान परमाणु समझौते को पुनर्जीवित करने का एकमात्र तरीका तेहरान के लिए अपनी मांगों को छोड़ देना है। अमेरिका ने मंगलवार को यह स्पष्ट किया है। रायटर्स न्यूज एजेंसी की खबर के अनुसार अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वाशिंगटन का मानना ​​​​है कि जिस चीज पर बातचीत की जा सकती […]

अमेरिका: वर्ष 2015 के ईरान परमाणु समझौते को पुनर्जीवित करने का एकमात्र तरीका तेहरान के लिए अपनी मांगों को छोड़ देना है। अमेरिका ने मंगलवार को यह स्पष्ट किया है। रायटर्स न्यूज एजेंसी की खबर के अनुसार अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वाशिंगटन का मानना ​​​​है कि जिस चीज पर बातचीत की जा सकती है वह पहले ही हो चुकी है।

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सौदे को पुनर्जीवित

विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने एक ब्रीफिंग में कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका निजी तौर पर सौदे को पुनर्जीवित करने पर यूरोपीय संघ के अंतिम पाठ पर अपनी प्रतिक्रिया प्रदान करेगा। लेकिन फिलहाल इसकी कोई समयरेखा नहीं है। यूरोपीय संघ राजनयिकों ने सोमवार को इस बारे में ईरान से जवाब मांगा था। जिसके पर ईरान ने कहा है कि वह इसका पालन करेगा। विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा JCPOA के अनुपालन के लिए पारस्परिक वापसी प्राप्त करने का एकमात्र तरीका ईरान के लिए JCPOA के दायरे से परे अस्वीकार्य मांगों को छोड़ना है। हम लंबे समय से इन मांगों को बाहरी कहते हैं।

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परमाणु कार्यक्रम को सीमित

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन 2015 के इस समझौते को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहा है। इसे संयुक्त व्यापक कार्य योजना (JCPOA) नाम दिया गया है। इसे 2018 में बिडेन के पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रम्प ने छोड़ दिया था। सौदे के तहत तेहरान ने अमेरिका, यूरोप और संयुक्त राष्ट्र से प्रतिबंध पर राहत के बदले में अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित कर दिया था।

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First published on: Aug 16, 2022 03:46 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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