वर्ल्ड बैंक, इंटरनेशल मनी फंड (IMF) जैसे कई बड़े संगठनों के बाद अब संयुक्त राष्ट्र ने भारत की तेजी से बढ़ती हुई इकॉनोमी का लोहा माना है. यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी खुद को भारत की अर्थव्यवस्था की तारीफ करने से नहीं रोक पाए. उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे सफल उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है और ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर उसकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने ये बयान भारत में होने वाले इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले दिया. उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में इस अहम अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन होना ये दिखाता है कि भारत तकनीक और विकास के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है.
ये भी पढ़ें: AI Summit 2026: 7 राष्ट्रपति, 9 प्रधानमंत्री… दिल्ली में कल से शुरू हो रहा टेक वर्ल्ड का सबसे बड़ा समिट, जानें कौन-कौन होगा शामिल?
गुटेरेस ने जमकर की भारत की तारीफ
गुटेरेस ने कहा कि भारत ने बीते कुछ सालों में मजबूत आर्थिक तरक्की की है. देश में डिजिटल तकनीक का तेजी से विस्तार हुआ है और स्टार्टअप कल्चर ने लाखों युवाओं को नए अवसर दिए हैं. उन्होंने माना कि भारत ने आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक सुधारों पर भी ध्यान दिया है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर अहम बात कही. उन्होंने कहा कि एआई का इस्तेमाल केवल मुनाफा कमाने के लिए नहीं, बल्कि गरीबी कम करने, शिक्षा सुधारने, स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने और क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए होना चाहिए.
'मेजबानी के लिए सही देश है भारत'
गुटेरेस ने ये भी कहा कि एआई का फायदा सिर्फ कुछ विकसित देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए. भारत जैसे देश ये सुनिश्चित कर सकते हैं कि तकनीक का फायदा विकासशील और गरीब देशों तक भी पहुंचे. इसी वजह से भारत को एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी के लिए सही देश माना गया है. गुटेरेस ने दुनिया में बढ़ती महाशक्तियों की प्रतिस्पर्धा पर चिंता जताई और कहा कि अब समय आ गया है कि दुनिया एक या दो देशों के दबदबे से बाहर निकले. भारत में होने वाले इस एआई समिट में कई देशों के नेता, नीति निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे. इससे भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने के साथ-साथ निवेश और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं.
ये भी पढ़ें: UN में भारत ने पाकिस्तान को दिया मुंहतोड़ जवाब, सिंधु जल संधि और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर झूठ फैलाने पर घेरा
वर्ल्ड बैंक, इंटरनेशल मनी फंड (IMF) जैसे कई बड़े संगठनों के बाद अब संयुक्त राष्ट्र ने भारत की तेजी से बढ़ती हुई इकॉनोमी का लोहा माना है. यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी खुद को भारत की अर्थव्यवस्था की तारीफ करने से नहीं रोक पाए. उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे सफल उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है और ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर उसकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने ये बयान भारत में होने वाले इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले दिया. उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में इस अहम अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन होना ये दिखाता है कि भारत तकनीक और विकास के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है.
ये भी पढ़ें: AI Summit 2026: 7 राष्ट्रपति, 9 प्रधानमंत्री… दिल्ली में कल से शुरू हो रहा टेक वर्ल्ड का सबसे बड़ा समिट, जानें कौन-कौन होगा शामिल?
गुटेरेस ने जमकर की भारत की तारीफ
गुटेरेस ने कहा कि भारत ने बीते कुछ सालों में मजबूत आर्थिक तरक्की की है. देश में डिजिटल तकनीक का तेजी से विस्तार हुआ है और स्टार्टअप कल्चर ने लाखों युवाओं को नए अवसर दिए हैं. उन्होंने माना कि भारत ने आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक सुधारों पर भी ध्यान दिया है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर अहम बात कही. उन्होंने कहा कि एआई का इस्तेमाल केवल मुनाफा कमाने के लिए नहीं, बल्कि गरीबी कम करने, शिक्षा सुधारने, स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने और क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए होना चाहिए.
‘मेजबानी के लिए सही देश है भारत’
गुटेरेस ने ये भी कहा कि एआई का फायदा सिर्फ कुछ विकसित देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए. भारत जैसे देश ये सुनिश्चित कर सकते हैं कि तकनीक का फायदा विकासशील और गरीब देशों तक भी पहुंचे. इसी वजह से भारत को एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी के लिए सही देश माना गया है. गुटेरेस ने दुनिया में बढ़ती महाशक्तियों की प्रतिस्पर्धा पर चिंता जताई और कहा कि अब समय आ गया है कि दुनिया एक या दो देशों के दबदबे से बाहर निकले. भारत में होने वाले इस एआई समिट में कई देशों के नेता, नीति निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे. इससे भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने के साथ-साथ निवेश और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं.
ये भी पढ़ें: UN में भारत ने पाकिस्तान को दिया मुंहतोड़ जवाब, सिंधु जल संधि और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर झूठ फैलाने पर घेरा