आज के दौर में हम सफर पर निकलते ही सबसे पहले गूगल मैप्स ऑन करते हैं. लेकिन सोचिए, अगर बीच रास्ते में GPS ने काम करना बंद कर दिया तो? न नेटवर्क, न सही लोकेशन. ऐसे में घबराहट होना स्वाभाविक है. मगर सच्चाई यह है कि GPS फेल होने का मतलब रास्ता भटक जाना नहीं होता. थोड़ी समझदारी और कुछ आसान उपाय आपको सही मंजिल तक पहुंचा सकते हैं. आइए जानते हैं कि जब सफर के दौरान GPS साथ छोड़ दे, तो आपको क्या करना चाहिए.
ये तरीके आपको मंजिल तक पहुंचाएंगे
सिग्नल वापस लाने के आसान तरीके
अगर मैप अचानक अटक जाए या आपकी लोकेशन इधर-उधर दिखने लगे, तो सबसे पहले शांत रहें. कई बार सिर्फ फोन को रीस्टार्ट करने से ही समस्या ठीक हो जाती है. आप 15 सेकंड के लिए फोन को एरोप्लेन मोड पर डालकर फिर बंद करें—इससे नेटवर्क रीसेट हो जाता है और सिग्नल दोबारा आ सकते हैं. ध्यान रखें कि फोन पावर सेवर मोड पर न हो, क्योंकि यह GPS की सटीकता को कम कर देता है. अगर फोन पर मेटल का कवर लगा है, तो उसे हटाकर भी देख सकते हैं. छोटी-छोटी चीजें कई बार बड़ा फर्क डाल देती हैं.
खुले आसमान में जाएं
GPS सैटेलाइट के जरिए काम करता है. अगर आप लंबी टनल में हैं, ऊंची इमारतों के बीच फंसे हैं या घने जंगल में हैं, तो सिग्नल कमजोर हो सकते हैं. ऐसे में कोशिश करें कि थोड़ा आगे बढ़कर किसी खुले इलाके में पहुंचें. जैसे ही फोन को साफ आसमान मिलेगा, GPS दोबारा सही तरीके से काम करने लगेगा. कई बार सिर्फ जगह बदलने से ही समस्या हल हो जाती है.
ऑफलाइन मैप्स पहले से डाउनलोड करें
अगर आप किसी ऐसे इलाके में जा रहे हैं जहां नेटवर्क की समस्या हो सकती है, तो पहले से तैयारी कर लें. गूगल मैप्स में अपने रूट का ऑफलाइन मैप डाउनलोड कर लें. इसका फायदा यह है कि इंटरनेट न होने पर भी मैप आपकी लोकेशन और रास्ता दिखाता रहेगा. यह फीचर खासकर पहाड़ी इलाकों या ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत काम आता है. समझदारी यही है कि सफर से पहले थोड़ी तैयारी कर ली जाए.
स्थानीय लोगों से पूछने में झिझकें नहीं
जब तकनीक पूरी तरह जवाब दे दे, तो सबसे भरोसेमंद तरीका है लोगों से पूछना. रास्ते में पड़ने वाले पेट्रोल पंप, ढाबे या दुकानदारों से दिशा पूछ लें. स्थानीय लोगों को इलाके की इतनी जानकारी होती है कि वे आपको शॉर्टकट भी बता सकते हैं. कई बार एक छोटा सा सवाल आपको लंबी भटकन से बचा लेता है.
सड़क के संकेतों पर ध्यान दें
सफर के दौरान सिर्फ फोन की स्क्रीन पर नजर न रखें. सड़क पर लगे साइनबोर्ड, मील के पत्थर और दिशा संकेत भी बहुत मददगार होते हैं. हाईवे पर लगे बोर्ड आपको शहरों की दूरी और दिशा साफ बताते हैं. अगर दिन का समय है, तो सूरज की दिशा देखकर भी आप पूर्व और पश्चिम का अंदाजा लगा सकते हैं. पुराने समय में लोग इन्हीं संकेतों के सहारे लंबी यात्राएं पूरी किया करते थे.
GPS हमारी यात्रा को आसान जरूर बनाता है, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर रहना जरूरी नहीं. थोड़ी समझदारी, थोड़ी तैयारी और आसपास के माहौल पर ध्यान देकर आप बिना किसी परेशानी के अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं.
ये भी पढ़ें- WhatsApp यूजर्स के लिए खुशखबरी! आ गया कमाल का नया फीचर, जानें क्या है खास
आज के दौर में हम सफर पर निकलते ही सबसे पहले गूगल मैप्स ऑन करते हैं. लेकिन सोचिए, अगर बीच रास्ते में GPS ने काम करना बंद कर दिया तो? न नेटवर्क, न सही लोकेशन. ऐसे में घबराहट होना स्वाभाविक है. मगर सच्चाई यह है कि GPS फेल होने का मतलब रास्ता भटक जाना नहीं होता. थोड़ी समझदारी और कुछ आसान उपाय आपको सही मंजिल तक पहुंचा सकते हैं. आइए जानते हैं कि जब सफर के दौरान GPS साथ छोड़ दे, तो आपको क्या करना चाहिए.
ये तरीके आपको मंजिल तक पहुंचाएंगे
सिग्नल वापस लाने के आसान तरीके
अगर मैप अचानक अटक जाए या आपकी लोकेशन इधर-उधर दिखने लगे, तो सबसे पहले शांत रहें. कई बार सिर्फ फोन को रीस्टार्ट करने से ही समस्या ठीक हो जाती है. आप 15 सेकंड के लिए फोन को एरोप्लेन मोड पर डालकर फिर बंद करें—इससे नेटवर्क रीसेट हो जाता है और सिग्नल दोबारा आ सकते हैं. ध्यान रखें कि फोन पावर सेवर मोड पर न हो, क्योंकि यह GPS की सटीकता को कम कर देता है. अगर फोन पर मेटल का कवर लगा है, तो उसे हटाकर भी देख सकते हैं. छोटी-छोटी चीजें कई बार बड़ा फर्क डाल देती हैं.
खुले आसमान में जाएं
GPS सैटेलाइट के जरिए काम करता है. अगर आप लंबी टनल में हैं, ऊंची इमारतों के बीच फंसे हैं या घने जंगल में हैं, तो सिग्नल कमजोर हो सकते हैं. ऐसे में कोशिश करें कि थोड़ा आगे बढ़कर किसी खुले इलाके में पहुंचें. जैसे ही फोन को साफ आसमान मिलेगा, GPS दोबारा सही तरीके से काम करने लगेगा. कई बार सिर्फ जगह बदलने से ही समस्या हल हो जाती है.
ऑफलाइन मैप्स पहले से डाउनलोड करें
अगर आप किसी ऐसे इलाके में जा रहे हैं जहां नेटवर्क की समस्या हो सकती है, तो पहले से तैयारी कर लें. गूगल मैप्स में अपने रूट का ऑफलाइन मैप डाउनलोड कर लें. इसका फायदा यह है कि इंटरनेट न होने पर भी मैप आपकी लोकेशन और रास्ता दिखाता रहेगा. यह फीचर खासकर पहाड़ी इलाकों या ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत काम आता है. समझदारी यही है कि सफर से पहले थोड़ी तैयारी कर ली जाए.
स्थानीय लोगों से पूछने में झिझकें नहीं
जब तकनीक पूरी तरह जवाब दे दे, तो सबसे भरोसेमंद तरीका है लोगों से पूछना. रास्ते में पड़ने वाले पेट्रोल पंप, ढाबे या दुकानदारों से दिशा पूछ लें. स्थानीय लोगों को इलाके की इतनी जानकारी होती है कि वे आपको शॉर्टकट भी बता सकते हैं. कई बार एक छोटा सा सवाल आपको लंबी भटकन से बचा लेता है.
सड़क के संकेतों पर ध्यान दें
सफर के दौरान सिर्फ फोन की स्क्रीन पर नजर न रखें. सड़क पर लगे साइनबोर्ड, मील के पत्थर और दिशा संकेत भी बहुत मददगार होते हैं. हाईवे पर लगे बोर्ड आपको शहरों की दूरी और दिशा साफ बताते हैं. अगर दिन का समय है, तो सूरज की दिशा देखकर भी आप पूर्व और पश्चिम का अंदाजा लगा सकते हैं. पुराने समय में लोग इन्हीं संकेतों के सहारे लंबी यात्राएं पूरी किया करते थे.
GPS हमारी यात्रा को आसान जरूर बनाता है, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर रहना जरूरी नहीं. थोड़ी समझदारी, थोड़ी तैयारी और आसपास के माहौल पर ध्यान देकर आप बिना किसी परेशानी के अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं.
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