Google का भारत के लिए बड़ा ऐलान, करेगा 1.36 लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट, CEO सुंदर पिचाई ने की घोषणा

AI India Impact Summit में Google के CEO सुंदर पिचाई ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव साबित होगा. उन्होंने बताया कि Google भारत में 15 बिलियन डॉलर का निवेश कर रहा है और विशाखापत्तनम को एक बड़े ग्लोबल AI हब के रूप में विकसित किया जाएगा. इससे देश में रोजगार, रिसर्च और टेक्नोलॉजी के नए अवसर खुलने वाले हैं.

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AI इम्पैक्ट समिट में गूगल CEO सुंदर पिचाई और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (Photo-PMO)

दिल्ली में चल रहे AI-India Impact Summit के चौथे दिन टेक्नोलॉजी की दुनिया की सबसे बड़ी आवाजों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य और इसमें भारत की भूमिका पर अपने विचार रखे. इस दौरान Google के CEO सुंदर पिचाई ने कहा कि AI आने वाले समय की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति है और भारत इस बदलाव के केंद्र में तेजी से उभर रहा है. उन्होंने खास तौर पर विशाखापत्तनम को भविष्य के ग्लोबल AI हब के रूप में सामने आने की बात कही.

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AI सबसे बड़ा टेक बदलाव- सुंदर पिचाई

समिट को संबोधित करते हुए सुंदर पिचाई ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यह साबित करता है कि जब इंसान बड़े सपने देखता है तो कुछ भी असंभव नहीं होता. उनके मुताबिक AI हमारी जिंदगी का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बदलाव है और दुनिया एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है, जहां तेज प्रगति और नई खोजों की संभावनाएं पहले से कहीं ज्यादा हैं.

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पिचाई ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक AI इकोसिस्टम में अपनी मजबूत जगह बना रहा है. उन्होंने बताया कि गूगल ने भारत में दीर्घकालिक निवेश की योजना बनाई है और इसका एक बड़ा हिस्सा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में विकसित हो रहे AI प्रोजेक्ट से जुड़ा है.

विशाखापत्तनम में बनेगा फुल-स्टैक AI हब

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पिचाई ने याद करते हुए कहा कि एक समय विशाखापत्तनम एक शांत और साधारण तटीय शहर था, लेकिन अब यही शहर एक बड़े AI केंद्र में बदल रहा है. गूगल यहां 15 बिलियन डॉलर(लगभग 13 लाख 65 हजार 49 करोड़) के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के तहत एक फुल-स्टैक AI हब बना रहा है. इस प्रोजेक्ट में गीगावॉट स्तर की कंप्यूटिंग क्षमता और एक अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे शामिल होगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और देशभर के व्यवसायों तक उन्नत AI तकनीक पहुंचेगी.

पिचाई ने कहा कि AI के जरिए विकासशील देश पुरानी तकनीकी सीमाओं को पार कर तेजी से आगे बढ़ सकते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह बदलाव अपने आप नहीं होगा, इसके लिए सही दिशा और प्रयास जरूरी हैं.

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वैज्ञानिक शोध में भी AI की बड़ी भूमिका

AI के प्रभाव को समझाते हुए पिचाई ने बताया कि यह तकनीक कठिन वैज्ञानिक समस्याओं को हल करने में मदद कर रही है. उन्होंने Google DeepMind के AlphaFold का उदाहरण दिया, जिसने प्रोटीन स्ट्रक्चर की भविष्यवाणी जैसे 50 साल पुराने वैज्ञानिक चुनौती को हल करने में बड़ी सफलता हासिल की. इस उपलब्धि को नोबेल पुरस्कार भी मिल चुका है.

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दुनियाभर के शोधकर्ताओं को मिल रहा फायदा

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उन्होंने बताया कि AlphaFold के जरिए दशकों का शोध एक ओपन डेटाबेस में बदल दिया गया है, जिसका उपयोग दुनिया के 190 से ज्यादा देशों के 30 लाख से अधिक शोधकर्ता कर रहे हैं. इसकी मदद से मलेरिया की वैक्सीन, एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी बड़ी चुनौतियों पर काम किया जा रहा है.

स्वास्थ्य और रिसर्च में नए अवसर

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पिचाई ने कहा कि AI का इस्तेमाल DNA से जुड़ी बीमारियों की पहचान से लेकर ऐसे AI एजेंट बनाने तक हो रहा है, जो वैज्ञानिक शोध में सहयोगी की तरह काम कर सकते हैं. उनका मानना है कि जिन क्षेत्रों में अब तक तकनीक की पहुंच कम रही है, वहां भी AI के जरिए बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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