Foldable Phones: मार्केट में हर महीने फोल्डेबल फोन लॉन्च हो रहे हैं। कंपनियां भी ऐसे फोन्स की सेल्स को बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। कुछ कंपनियों का कहना है कि तकनीकी उद्योग में ऐसे फोन आगे चलकर काफी पॉपुलर होने वाले हैं, लेकिन आज सच्चाई कुछ और ही है। फिर अब सवाल ये है कि ऐसे फोन कब तक पॉपुलर होंगे? क्योंकि आज भी बहुत से लोगों के हाथों में फोल्डेबल फोन की जगह रेगुलर फोन दिखाई देते हैं। आइये विस्तार से जानते हैं कि क्यों अभी लोग फोल्डेबल फोन को खरीदना उतना पसंद नहीं कर रहे हैं।
बहुत अधिक कीमत
अगर आप भारत में हैं और कीमत की बात न हो ऐसा हो नहीं सकता। शायद ये सबसे महत्वपूर्ण कारक में से एक है। देश में आज ही बहुत से लोग 10 से 15 हजार की रेंज में ही फोन खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं। हालांकि फोल्डेबल फोन का प्राइस इस समय लाखों में है। यही कारण है कि वर्तमान में अभी बहुत कम लोग ही इसे अफोर्ड कर सकते हैं, लेकिन कहा जा रहा है कि जैसे-जैसे ऐसे फोन्स की मांग बढ़ेगी समय के साथ फोल्डेबल फोन भी सस्ते हो सकते हैं।
डिस्प्ले क्वालिटी
फोल्डेबल फोन पॉपुलर न होने का कारण सिर्फ अधिक कीमत ही नहीं है। फोल्डेबल्स फोन्स में अभी भी स्क्रीन एक बड़ी समस्या बनी हुई है। इन पर खरोंच और डेंट लगने का खतरा ज्यादा रहता है। आज तक बने और जारी किए गए सभी फोल्डेबल फोन स्क्रीन में फोल्ड आने की समस्या से जूझ रहे हैं। निर्माता लगातार सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन तकनीक अभी इतनी अच्छी नहीं है।
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एयर-गैप की समस्या
कुछ फोल्डेबल्स फोन्स में एक और हार्डवेयर समस्या एयर गैप बनी हुई है। उदाहरण के लिए, जब फोल्ड करके बंद किया जाता है, तो गैलेक्सी Z फोल्ड 4 पूरी तरह से सपाट रूप से बंद नहीं होता है क्योंकि इससे अंदर की स्क्रीन टूट सकती है। इससे बचने के लिए, स्क्रीन एक ऐसे बिंदु पर जाकर रुक जाती है जहां हवा, धूल और पानी इसके अंदर घुस सकते हैं। हालांकि अब कई निर्माताओं ने इस समस्या का हल निकाल लिया है।
डस्ट रेजिस्टेंस
सैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड 4 और फ्लिप 4 की बदौलत हम पहले ही फोल्डेबल फोन पर IPX8 वाटर-रेजिस्टेंस को देख चुके हैं। लेकिन फोल्डेबल फॉर्म फैक्टर पर धूल एक बड़ी समस्या है क्योंकि उनमें बहुत सारे ओपन होने वाले हिस्से होते हैं। अगर धूल का कोई भी छोटा कण इसके किसी भी लूप पॉइंट से फोन बॉडी में एंटर करता है, तो ये कई समस्याएं पैदा कर सकता है।