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Budget 2026: AI की मदद से डबल होगी किसानों की कमाई, सरकार ने Bharat-VISTAAR का किया ऐलान

बजट 2026 में सरकार ने किसानों को लेकर बड़ा दांव खेला है. Bharat-VISTAAR नाम का नया AI प्लेटफॉर्म अब फसल, मिट्टी और मौसम की जानकारी किसानों की भाषा में देगा. इसका मकसद है खेती को ज्यादा समझदार बनाना, नुकसान कम करना और आमदनी बढ़ाना.

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Written By: Mikita Acharya Updated: Feb 1, 2026 14:20
Budget 2026
AI के सहारे किसानों तक पहुंचेगी स्मार्ट खेती.

Bharat Vistaar in Budget 2026: बजट 2026 में सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत-VISTAAR नाम की नई पहल का ऐलान किया है, जिसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत को सीधे खेतों तक पहुंचाना है. यह पहल खेती को ज्यादा समझदार, सुरक्षित और फायदेमंद बनाने पर केंद्रित है, ताकि किसान सही समय पर सही फैसला ले सकें और जोखिम कम हो.

भारत-VISTAAR क्या है और क्यों अहम

भारत-VISTAAR एक मल्टी-लैंग्वेज AI टूल होगा, जिसे खास तौर पर किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. VISTAAR का पूरा नाम Virtually Integrated System To Access Agricultural Resources है. इसका उद्देश्य किसानों को उनकी भाषा में खेती से जुड़ी जरूरी जानकारी और सलाह उपलब्ध कराना है, ताकि उत्पादकता बढ़े और नुकसान की आशंका घटे.

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IIT मद्रास और कृषि मंत्रालय की साझेदारी

इस प्रोजेक्ट को IIT मद्रास ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के साथ मिलकर विकसित किया है. इसका फोकस खेती की पारंपरिक विस्तार प्रणाली को डिजिटल रूप से मजबूत करना है. डिजिटलीकरण के जरिए यह सिस्टम खेती से जुड़ी सलाह को ज्यादा असरदार और जमीन पर लागू करने लायक बनाएगा.

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AI से जुड़ेगा फसल, मिट्टी और मौसम का डेटा

वित्त मंत्री के मुताबिक भारत-VISTAAR AI की मदद से फसल, मिट्टी, मौसम और खेती के तरीकों से जुड़े डेटा को एक साथ जोड़ेगा. इससे किसानों को वैज्ञानिक जानकारी आसान भाषा में मिलेगी, जिसे वे सीधे अपने खेत में इस्तेमाल कर सकेंगे. इसका फायदा यह होगा कि खेती अनुमान के बजाय डेटा आधारित होगी.

किसानों के लिए बजट 2026 के अन्य बड़े ऐलान

बजट में किसानों के लिए कई सेक्टर-स्पेसिफिक घोषणाएं भी की गई हैं. तटीय इलाकों में काजू और नारियल किसानों को वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा, ताकि उनकी आय बढ़ सके. पहाड़ी क्षेत्रों में खुमानी, अखरोट और बादाम की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके अलावा कोको की खेती को प्रोत्साहित कर चॉकलेट और प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए घरेलू सप्लाई मजबूत की जाएगी. उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने की भी रणनीति बनाई गई है.

टेस्टिंग और रिसर्च की जानकारी सीधे किसानों तक

भारत-VISTAAR के तहत पायलट टेस्टिंग की जाएगी और इन टेस्ट के नतीजे किसानों के साथ साझा किए जाएंगे. इससे किसान यह तय कर पाएंगे कि आगे कौन-सी फसल उगानी है और किन जोखिमों से बचना है. किसानों को दी जाने वाली सिफारिशें ICAR से प्राप्त वैज्ञानिक डेटा पर आधारित होंगी.

ये भी पढ़ें- Union Budget 2026: सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए बजट में बड़ा ऐलान, लॉन्च होगा मिशन 2.0

पहले से चल रहे AI मॉडल से मिले अच्छे नतीजे

फिलहाल बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में करीब 4,000 एक्सटेंशन वर्कर AI-आधारित टेलीग्राम चैटबॉट का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह चैटबॉट किसानों को खेती से जुड़ी सलाह देने में मदद कर रहा है और इसके नतीजे उत्साहजनक रहे हैं.

स्थानीय भाषा और अनुभव पर खास जोर

डिजिटल ग्रीन द्वारा विकसित यह AI चैटबॉट Bhashini तकनीक पर आधारित है और हिंदी, तेलुगु व अंग्रेजी में सटीक सलाह देता है. आगे इसमें और क्षेत्रीय भाषाएं जोड़ी जाएंगी. तमिलनाडु में Apurva.ai के सहयोग से 1,500 से ज्यादा किसानों ने अपने अनुभव साझा किए हैं, जिससे एक ऐसा ज्ञान भंडार तैयार हो रहा है जो स्थानीय, व्यावहारिक और किसानों के लिए सीधे उपयोगी है.

भारत-VISTAAR के जरिए सरकार का साफ संदेश है कि AI सिर्फ शहरों और कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा. यह पहल खेती को ज्यादा स्मार्ट, टिकाऊ और मुनाफे वाला बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है.

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First published on: Feb 01, 2026 02:00 PM

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