Fact Check: हमास आतंकियों पर चलेगी सूअर की चर्बी वाली गोली! क्या है इजरायल के नए फंडे का सच?

Fact Check on Israel Hamas War: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के हैंडलर @lightcivil पर 16 अक्टूबर को शेयर किया गया वीडियो, जिसमें इजरायली सैनिकों के द्वारा हमास पर सूअर की चर्बी वाले कारतूस इस्तेमाल करने का दावा किया जा रहा है, एकदम झूठा है।

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Israel Hamas War, गाजा: आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल के किबुत्ज़ में ऐसा आतंक मचाया कि पूरा देश हिल गया। इसके बाद गाजा पट्टी में जो हुआ, वो भी पूरी दुनिया ने देखा, लेकिन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इजरायल का वार देखने वाला है। हमास का नामो-निशान मिटाने की कसम खा चुके इजरायल के सैनिकों ने फतह पाने का नया तरीका अपनाना शुरू कर दिया है। इजरायली सैनिक हमास आतंकियों पर सूअर की चर्बी वाले कारतूस इस्तेमाल करेंगे, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।

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जो वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है…

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दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के हैंडलर @lightcivil पर 16 अक्टूबर को एक वीडियो शेयर किया गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का नाम इस्तेमाल कर रहे इस सोशल मीडिया अकाउंट पर इस पोस्ट में दावा किया गया है कि इजरायली सेना हर गोली पर सूअर की चर्बी लगा रही है, ताकि हमास के आतंकी नरक में जा सकें। वीडियो में देखा जा सकता है कि 2 शख्स बंदूक लेकर सूअर के कटे हुए सिर के पास रखकर गोलियां लोड कर रहे हैं।

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Fact Check

इजरायल की डिफेंस की तरफ से वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी।

पहला सच

सत्य क्या है? इसकी जांच के लिए प्रयास शुरू किए गए तो अनायास ही हमारा ध्यान वायरल पोस्ट में दिखाई दे रहे फौजियों के कपड़ों और हेलमेट पर गया। आप देख सकते हैं कि इसमें दिखाई दे रहे दोनों ही सैनिक अलग-अलग कपड़े पहने हुए हैं। दोनों कथित सैनिकों ने अलग-अलग कपड़े पहने हुए हैं, जो आईडीएफ गियर से बिल्कुल भी मेल नहीं खाते। वहीं जूतों से साफ है कि ये इजरायली सैनिक नहीं हैं।  रही बात हेलमेट की तो इजरायली सैनिक ऐसे हेलमेट नहीं पहनते हैं। ऐसे हेलमेट तो यूक्रेनी सैनिक पहनते है।  इस बात की तस्दीक खुद इजरायल डिफेंस फोर्स की तरफ से शेयर किया गया एक वीडियो करता है। इसके साथ जानकारी दी गई है कि यह वीडियो यूक्रेनी सैनिकों का है।

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इस तस्वीर का सोर्स https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/21542211/ पर दी गई जानकारी है।

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दूसरा सच

इससे भी बड़ी बात थोड़ा धार्मिक दृष्टिकोण पर सोचने की जरूरत है। यूनाइटेड स्टेटस ऑफ अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन नामक वेबसाइट पर इस संबंध में भरपूर जानकारी उपलब्ध है। इसमें उल्लेख किया गया है कि यहूदी और इस्लाम दोनों ही धार्मिक मान्यताओं में सूअर का मांस इस्तेमाल करना वर्जित है। ऐसे में सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि हमास के खात्मे के टैग के साथ वायरल किया गया वीडियो किसी इजरायली सैनिक का नहीं है।

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इतना ही नहीं, जिस वक्त ये वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे थे, तब इजरायली सैनिकों ने गाजा पट्टी पर जमीनी कार्रवाई शुरू नहीं की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उस वक्त इजरायल गाजा पट्टी पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला कर रहा था। आईडीएफ ने 15 अक्टूबर को ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करने की घोषणा की। कुल मिलाकर एक वायरल वीडियो जिसमें कथित तौर पर इजरायली सैनिकों को गोली पर चर्बी लगाते हुए दिखाया गया है, पूरी तरह से फर्जी है।

लेख समाप्त

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