मां-बाप की हत्या के बाद इस एक्ट्रेस को बना दिया गया नौकरानी, बॉलीवुड की पहली फीमेल कॉमेडियन बन हुईं मशहूर

Tun Tun Death Anniversary: बॉलीवुड की इस दिग्गज कॉमेडियन ने आज ही के दिन साल 2003 में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। सबको हंसाने वाली टुन टुन ने अपनी जिंदगी में बहुत दुख देखे हैं।

Tun Tun

image credit: social media

Tun Tun Death Anniversary: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने एक से बढ़कर कलाकार दिए हैं। इसमें बहुत से हास्य कलाकार भी शामिल हैं। हास्य कलाकारों की बात हो और टुन टुन का नाम न आए ऐसा हो नहीं सकता है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक से बढ़कर एक कॉमेडियन हुए हैं लेकिन उन सभी में अपने निराले अंदाज के लिए मशहूर टुनटुन की आज 20वीं डेथ एनीवर्सरी है। बॉलीवुड की इस दिग्गज कॉमेडियन ने आज ही के दिन साल 2003 में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। सबको हंसाने वाली टुन टुन ने अपनी जिंदगी में इतने दुख देखे हैं। आइए टुनटुन की डेथ एनीवर्सरी के मौके पर उनकी लाइफ के उस पहलू के बारे में जानते हैं।

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दर्द भरी थी जिंदगी

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घरवालों ने इस शानदार एक्ट्रेस का नाम उमा देवी खत्री रखा था। टुनटुन की हंसी तो सभी को याद होगी लेकिन हकीकत में उनका पास्ट दुखों से भरा हुआ था। टुनटुन के बहुत ही कम फैंस को यह बात पता होगी कि जब वो महज चार साल की थीं तो जमीन विवाद के चलते उनके माता-पिता को जान से मार दिया गया था। इसके बाद जब वह नौ साल की हुईं तो भाई की भी हत्या हो गई। इसके बाद वह अपने रिश्तेदार के घर पर रहने को मजबूर थीं, जहां दो वक्त के खाने के लिए उनसे रोबोट की तरह पूरे घर का काम करवाया जाता था। वो झाड़ू-पोछा से लेकर बर्तन और खाना बनाने तक का काम करने लगीं। टुन टुन ने बताया था कि रिश्तेदारी में किसी के यहां कुछ शादी-ब्याह या कोई प्रोग्राम होता तो टुन टुन को ही भेजा जाता। फिर एकबार जमीन को हड़पने के लिए पहले तो टुन टुन के मां-बाप और फिर बाद में भाई का भी कत्ल कर दिया गया था।

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ऐसे हुई फिल्मों में एंट्री

14 साल की उम्र में टुन टुन भागकर मुंबई आ गईं। यहां आकर उन्होंने पहले अख्तर अब्बास काजी से शादी कर ली। टुन टुन को काम की तलाश थी। वो गाना गाना चाहती थीं और इसी तलाश में वो नौशाद अली के पास जा पहुंचीं। बताया जाता है कि टुन टुन ने नौशाद अली से कहा कि वो गाना चाहती हैं और अगर उन्हें मौका नहीं दिया गया तो वो समंदर में कूद जाएंगी। तब टुन टुन का ऑडिशन लिया गया। उसमें वो सिलेक्ट हो गईं। टुन टुन ने पहला गाना 1946 में फिल्म ‘वामिक अजरा’ में गाया। यहीं से टुन टुन की उमा देवी के रूप में एक सिंगर के तौर पर शुरुआत हुई। टुन टुन ने कई गाने गाए, लेकिन उन्हें जो सफलता टुन टुन कॉमेडियन बनकर मिली, वैसी सिंगर उमा देवी बनकर नहीं मिली।

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कॉमेडियन के तौर पर हुईं मशहूर

टुन टुन ने कुछ गानों के बाद से इंडस्ट्री छोड़ दी। लेकिन कुछ वक्त के बाद वह फिल्मों में उतर गईं और कई कॉमेडी रोल किए। यहीं से टुन-टुन को स्टारडम मिला और कॉमेडियन के तौर पर अभिनेत्री को बहुत पसंद किया गया। इस दौरान उन्होंने कोहिनूर, उजाला, नया अंदाज, कभी अंधेरा कभी उजाला जैसी फिल्मों में खूब कॉमेडी की।

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