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‘द्वंद द इंटरनल कॉन्फ्लिक्ट’ फिल्म में हास्य और कला का शानदार मिश्रण है, गाँव का बदल दिया पूरा माहौल

‘द्वंद द इंटरनल कॉन्फ्लिक्ट’ एक ऐसी फिल्म है। जिसमें गांव के लोगों के बीच इसे फिल्माया गया है। इसकी कहानी गांव की पृष्ठभूमि पर आधारित है जहां भोला और उसके साथी दोस्तों को अभिनय का बहुत शौक होता है। मगर, इन सबके बीच शहर से गुरूजी को नाटक का निर्देशन करने के लिए बुलाया जाता […]

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‘द्वंद द इंटरनल कॉन्फ्लिक्ट’ एक ऐसी फिल्म है। जिसमें गांव के लोगों के बीच इसे फिल्माया गया है। इसकी कहानी गांव की पृष्ठभूमि पर आधारित है जहां भोला और उसके साथी दोस्तों को अभिनय का बहुत शौक होता है। मगर, इन सबके बीच शहर से गुरूजी को नाटक का निर्देशन करने के लिए बुलाया जाता है। इस बात से गांव में खुशी का माहौल हो जाता है। सबने गुरु जी की बातों को मानना शुरू कर दिया। इस फिल्म में गांव हिसाब से शब्दों को चयनित किया जाता है।

नाटक के बहाने गाँव में छोटी-छोटी फैली बुराइयों को दूर करने और उन्हें दिखाने का काम किया गया है। इसमें नाटक के लिए एक नायिका की जरुरत होती है। किसी तरह से एक महिला मिल जाती है। सुलेमान को किसी तरह नाटक के लिए राजी कर लिया जाता है। लेकिन जब किरदार निभाने की बात आती है तो भोला को उसके मन मुताबिक किरदार नहीं मिल पाता। गरीबी-अमीरी को और मंहगाई के मुद्दे को दिखाया गया है. गुरु जी ने पुरे गाँव का माहौल बदल दिया।

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गाँव में पूरा शहर का मजा

फिल्म में गुरु जी की भूमिका में संजय मिश्रा का रोल बेहतर और रोचक है। फिल्म में गुरु जी जिंदाबाद के नारे लगते रहते है। पंचायत भवन स्कूटर से पहुंचने पर गुरु जी के सामने पूरा ग्रामीण ड्रामा रचा गया। लिप्टस के पेडों के नीचे एक सभा लगी. जिसमें सारे लोग गांव की भाषा में सबकुछ कह रहे है। गुरु जी अर्थात संजय मिश्रा के सामने रात को एक नाटक पेश किया गया। इन सबमें अलग अलग तरह के चरित्र दिखे। सभी कलाकारों ने इस फिल्म में गाँव की भूमिका को जरा भी नहीं छोड़ी है। इस फिल्म में गाँव का छप्पर, बकरी और आदि चीजों को दिखाया गया है. शहरी लुक दिखाया है।

पटकथा में पूरी जान है

सुलेमान को किसी तरह नाटक के लिए राजी कर लिया जाता है लेकिन जब किरदार निभाने की बात आती है तो भोला को उसके मन मुताबिक किरदार नहीं मिल पाता। बस यहीं से भोला के मन में गुरुजी के प्रति द्वेष की भावना उठने लगती है। क्या भोला गुरुजी का दिया किरदार निभाएगा या कोई नई साजिश की योजना बनाएगा? यह जानने के लिए तो आपको फिल्म देखनी होगी। इस फिल्म में पूरा मसाला है। हास्य और मजे की पूरी कहानी है।

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कलाकारी में पूरी जान डाल दी है

संजय मिश्रा ने बेहतर तरीके से गुरु जी की भूमिका निभाई है। वहीं फिल्म के निर्देशक इश्तियाक खान ने बतौर एक्टर फिल्म में बेहतरीन अभिनय किया है। उन्होंने भोला के किरदार को बेहतर तरीके से किया है। विक्रम कोचर और विश्वनाथ चटर्जी ने भी इस फिल्म में चार चाँद लगा दिया है. इसी तरह से सुलेमान का किरदार भी शानदार रहा है।

फिल्म- Dvand The Internal Conflict
निर्देशक- इश्तियाक खान
Starcast – Sanjay Mishra,Vishwanath chatterjee, Ishityak Khan,Vikram kochhar
रेटिंग- 3

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First published on: Sep 29, 2023 10:24 AM

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