Dunki: कौन है रियल लाइफ डंकी जिसपर बनी है शाहरुख खान की फिल्म? खतरों के खिलाड़ियों से जुड़ी है कहानी!

Shahrukh Khan Dunki Movie: अमेरिका जाने के लिए वे भारतीय अवैध रास्ते को अपना रहे हैं, जिसे ‘डंकी रूट’ के नाम से जाना जाता है। कहा जा रहा है कि शाहरुख खान की फिल्म ‘डंकी’ भी इसी ‘डंकी रूट’ पर आधारित है।

Shahrukh Khan Dunki Movie

Shahrukh Khan Dunki Movie: इस समय शाहरुख खान की फिल्म डंकी की काफी चर्चा चल रही है। इस फिल्म के निर्देशक राजकुमार हिरानी हैं। इसका ट्रेलर रीलीज हो चुका है। आज हम आपको रियल लाइफ डंकी के बारे में बताने जा रहा है। यह कहानी हरियाणा के युवाओं की है। जैसे पंजाब से बड़ी संख्या में लोग कनाडा जाते हैं वैसे ही हरियाणा के युवाओं में अमेरिका जाने का क्रेज है। हरियाणा के गांव-गांव में ऐसे एजेंट हैं जो चुपके से अमेरिका में एंट्री दिलवाने का वादा करते हैं। आखिर क्या है यह डंकी रूट जो युवाओं की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। क्यों अमेरिका जाने के लिए युवा अपना जीवन दांव पर लगा रहे हैं।

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इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक जितेंद्र के यात्रा की शुरुआत इक्वाडोर से हुई। जितेंद्र और उनके साथ के लोगों ने जंगलों, नदियों और समुद्रों को पार किया। इस दौरान उन लोगों को कई दिनों तक भूखा रहना पड़ा। कई दिनों तक तो बिस्किट खाकर ही गुजारा करना पड़ा। वे किसी तरह अमेरिका पहुंचे, लेकिन 11 महीने तक कैंप में रखने के बाद उन्हें डिपोर्ट कर दिया गया यानी भारत वापस भेज दिया गया। इसकी वजह से सबकुछ खत्म हो गया। सीमा पार करना और अमेरिका में प्रवेश करना उनकी सबसे खूबसूरत याद है।

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क्या है डंकी रूट

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अमेरिका जाने के लिए वे भारतीय जिस अवैध रास्ते को अपना रहे हैं, जिसे ‘डंकी रूट’ के नाम से जाना जाता है। कहा जा रहा है कि बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान की फिल्म डंकी भी इसी ‘डंकी रूट’ पर आधारित है। इस रूट को लाखों भारतीय अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के देशों तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस रास्ते से गुजरना आर्थिक रूप से महंगा तो है ही उनके जीवन के लिहाज से भी बहुत खतरनाक है। इसी रास्ते अवैध तरीके से दूसरे देशों में एंट्री मिलती है। हरियाणा के जींद जिले के लोग इसपर लाखों रुपये खर्च करते हैं। अमेरिका भेजने के लिए 45 लाख रुपये चार्ज किए जाते हैं।

क्या है डंकी की रिलीज डेट-

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अमेरिका जाने का क्रेज

जींद के चौराहों पर वीजा कंसल्टेंसी देने वाले पोस्टर देखे जा सकते हैं। यहां के ज्यादातर लोगों को डंकी रूट पर ही भरोसा है। जींद के लोग अमेरिका जाने के लिए लाखों रुपये खर्च करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जींद जिले के दुराना गांव के एक बुजुर्ग शख्स ने बताया कि कैसे उनका बेटा महीनों तक सीमा पर भटकता रहा और एक वीडियो में वह अधमरा दिखा, जिसके बाद उसे बचा लिया गया।

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