Nayanthara & Vignesh Shivan Surrogacy Row: सरोगेसी विवाद पर तमिलनाडु सरकार ने सुनाया ये फैसला

Nayanthara & Vignesh Shivan Surrogacy Row: सरोगेसी विवाद पर तमिलनाडु सरकार ने सुनाया ये फैसला

Nayanthara & Vignesh Shivan Surrogacy Row: सरोगेसी विवाद पर तमिलनाडु सरकार ने सुनाया ये फैसला

विज्ञापन

Nayanthara & Vignesh Shivan Surrogacy Row: साउथ फिल्म इंडस्ट्री के स्टार कपल नयनतारा और विग्नेश शिवन (Nayanthara & Vignesh Shivan) के फैंस के लिए खुशखबरी है। सरोगेसी मामले में बैठी जांच के बाद तमिलनाडु सरकार ने इन्हें क्लीनचिट दे दिया है।

सरकार द्वारा गठित की गई तीन सदस्यों की टीम ने जांच करने के बाद ने फैसला किया है कि तमिल एक्ट्रेस नयनतारा और उनके पति विग्नेश शिवन ने भारत के सरोगेसी कानून नहीं तोड़े हैं।

Advertisment

 

विज्ञापन

दोनों ने इस महीने की शुरुआत में सरोगेसी के जरिए जुड़वा बेच्चों (बेटे) उइर और उलघम का स्वागत किया। इस खबर के सामने आते ही आम जनता और ने इसकी वैधता पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए, क्योंकि भारत में हाल ही में जनवरी में सरोगेसी कानूनों में बदलाव किया गया था। हालांकि, राज्य सरकार की टीम ने अब उचित जांच के बाद उन्हें क्लीन चिट दे दी है।

विज्ञापन

राज्य सरकार ने बुधवार को एक सार्वजनिक बयान जारी कर कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है। नयनतारा और विग्नेश शिवन ने इसी साल जून में शादी की थी। अपनी शादी के चार महीने बाद, उन्होंने घोषणा की कि वे 9 अक्टूबर को सरोगेसी के माध्यम से दो बच्चों के माता-पिता बन गए हैं। राज्य सरकार ने इस खबर के बाद जांच करने का फैसला किया कि क्या जोड़े ने संशोधित सरोगेसी कानून के तहत सभी नियमों का पालन किया था या नहीं।

विज्ञापन

रिपोर्ट में कहा गया है कि नयनतारा और विग्नेश शिवन को आवश्यक दस्तावेज जमा करने थे, और यह कहा गया कि जोड़े ने छह साल पहले 11 मार्च, 2016 को अपनी शादी रजिस्टर करवा ली थी। दस्तावेजों ने यह भी पुष्टि की कि सरोगेट मां नयनतारा की संबंधि हैं और पहले से ही शादीशुदा थी और उनका एक बच्चा था। समिति की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उन्होंने भारतीय सरोगेसी कानूनों के तहत सभी नियमों का पालन किया था।

विज्ञापन

 

विज्ञापन

रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2020 में oocytes और शुक्राणु एकत्र किए गए थे और जमे हुए भ्रूण को एक निजी अस्पताल में संरक्षित किया गया था। रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि नवंबर 2021 में सरोगेसी समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। भ्रूण को मार्च 2022 में सरोगेट के गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया गया और बच्चों को सीजेरियन सेक्शन के माध्यम से दुनिया में लाया गया।

विज्ञापन

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.

First published on:

Read more: About our editorial guidelines and standards here.

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ