हरिहरन, भारतीय संगीत जगत का एक ऐसा नाम है, जिन्होंने अपनी सुरीली आवाज से लाखों दिलों को छू लिया। उनकी गहरी, इमोशनल और बहुआयामी गायकी ने संगीत प्रेमियों को कई दशकों से मंत्रमुग्ध किया है। उनके जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं उनके कुछ बेहतरीन गीतों के बारे में, जो उनकी प्रतिभा को दर्शाते हैं।
‘अजीब सानेहा मुझ पर गुजर गया’ (गमन)
ये गीत हरिहरन के करियर में मील का पत्थर साबित हुआ। मशहूर संगीतकार जयदेव ने उन्हें इस गीत के लिए चुना था। उनकी गहरी आवाज और भावनात्मक अभिव्यक्ति ने इस गीत को कालजयी बना दिया। इस गीत ने ये साबित किया कि हरिहरन सिर्फ एक गायक नहीं, बल्कि एक बेहतरीन कलाकार भी हैं।
‘भारत हमको जान से प्यारा है’ (रोजा)
देशभक्ति गीतों की बात हो और हरिहरन का नाम न आए, ऐसा संभव नहीं। इस गाने में उनकी सधी हुई आवाज ने इसे और भी प्रभावशाली बना दिया। ए.आर. रहमान की इस धुन को हरिहरन ने इतनी शांति और गरिमा से गाया कि ये गीत सीधे दिल में उतर जाता है। ये गीत आज भी देशप्रेम का प्रतीक बना हुआ है।
‘रंग रस बरसे’ (यार कसम)
होली के रंगों में सराबोर इस गीत को हरिहरन ने यसुदास और उषा खन्ना के साथ गाया। उनकी ऊर्जा और गायन में जोश ने इस गाने को एक खास जगह दी है। ये गीत होली के जश्न को और भी रंगीन बना देता है।
‘मेरे दुश्मन मेरे भाई’ (बॉर्डर)
भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर बना ये गीत शांति और प्रेम का संदेश देता है। जावेद अख्तर के लिखे इस गाने को हरिहरन की मखमली आवाज ने और भी इमोशनल बना दिया। ये गाना हमें याद दिलाता है कि युद्ध से ज्यादा जरूरी है शांति और भाईचारा।
‘छोड़ आए हम वो गलियां’ (माचिस)
गुलजार के शब्दों और विशाल भारद्वाज के संगीत के मेल से बना ये गीत एक दर्द भरी यादों की सफर कराता है। हरिहरन, के.के. और सुरेश वाडकर की आवाजों का संयोजन इसे एक इमोशनल अनुभव बना देता है।
‘कभी मैं कहूं, कभी तुम कहो’ (लम्हे)
शिव-हरि के संगीत निर्देशन में लता मंगेशकर के साथ हरिहरन की जुगलबंदी इस गीत को एक शानदार रोमांटिक अहसास देती है। उनका गाया ये गाना प्रेम की गहराई और सादगी को बयां करता है।
‘तुम गए सब गया’ (माचिस)
ये गीत प्रेम और विरह की भावना को गहराई से व्यक्त करता है। हरिहरन की आवाज में वो दर्द है जो दिल को छू जाता है।
‘रातों को मांगे है सजन से’ (रामनगरी)
हरिहरन ने इस गीत में अपनी गायकी की नई छवि दिखाई। एक दक्षिण भारतीय गायक होते हुए भी उन्होंने इस लोकगीत को इतनी सहजता से गाया कि ये अविस्मरणीय बन गया।
‘बाहों के दरमियान’ (खामोशी: द म्यूज़िकल)
ये गीत प्रेम की गहराई को दर्शाता है और हरिहरन और अलका याज्ञनिक की मधुर आवाज इसे और भी खूबसूरत बना देती है। ये गीत प्रेमी जोड़ों के लिए आज भी एक आइकॉनिक सॉन्ग बना हुआ है।
हरिहरन की आवाज में एक अलग ही जादू है जो सीधे दिल तक पहुंचता है। उनके द्वारा गाए गए ये गीत सालों बाद भी संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हैं और उनकी गहरी छाप छोड़ते हैं। उनके जन्मदिन के अवसर पर हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं और उम्मीद करते हैं कि वो हमें आने वाले वर्षों में भी अपने संगीत से आनंदित करते रहेंगे।
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