देशभर में ईद की धूम है और हर कोई इस त्योहार को बेहद उत्साह से मना रहा है। सोशल मीडिया से लेकर खबरों के बाजार तक ईद की चर्चा हो रही है। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार साहब भी ईद के त्योहार को बेहद एक्साइटमेंट के साथ मनाते थे। दिलीप कुमार साहब के घर पर ईद की तैयारियां बेहद खास होती थी और उनके लिए ये त्योहार भी अहम खास होता है।
ईद पर खास तैयारियां
एक बार जब मैं उनसे मिला था, तो वो दिन ईद की पूर्व संध्या का दिन था। उस वक्त उनके पाली हिल वाले बंगले पर ईद की खास तैयारियां चल रही थीं, जो जोरों पर थीं। दिलीप साहब की वाइफ सभी तैयारियों की देखरेख कर रही थीं और वो ये भी देख रही थीं कि मुझे किसी चीज की जरूरत तो नहीं है। वैसे तो दिलीप साहब बेहद एक्साइटेड लेकिन मूड़ी इंसान थे।

Dilip Kumar
सभी धर्म का पालन करते हैं
ईद अब पहले जैसी नहीं रही, अब हमारे चारों और एक अलग ही पॉलिटिक्स है। धर्म की आड़ में इंसानियत का कत्लेआम होते देख कर मेरा दिल टूट जाता है। सांप्रदायिक हिंसा करने वाले ना तो हिंदी हैं और ना ही मुसलमान। वे अपने धर्म का पालन करते हैं, जो सभ्य समाज से कोसों दूर है और फिर भी दिलीप साहब के लिए सब कुछ खत्म नहीं हुआ था।
दिलीप कुमार रखा नाम
एकता की भावना मेरे चारों ओर है और आप हमारी इंडस्ट्री को ले लीजिए मिसाल के तौर पर। कोई भी किसी अभिनेता की धार्मिक पहचान पर सवाल नहीं उठाता। जब मैंने (एक अभिनेता के रूप में) शुरुआत की, तो मुझे अपना नाम यूसुफ खान से बदलकर दिलीप कुमार रखने की सलाह दी गई। आज मुझे खानों को राज करते देखकर गर्व होता है।
शाहरुख को मानते थे बेटा
यूसुफ साहब ईद पर शाहरुख खान के आने से खुश होते थे। सायरा और मैं उनके साथ बेटे जैसा बिहेव करते थे। शाहरुख को लगता है कि वह मुझसे मिलता-जुलता है। मुझे इस बात पर पूरा यकीन नहीं है, लेकिन अगर शाहरुख को ऐसा सोचना अच्छा लगता है, तो मुझे खुशी होगी।
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