Lata Mangeshkar Popular Old Song: हिंदी सिनेमा की मशहूर और दिग्गज सिंगर लता मंगेशकर के ना जाने कितने गाने ऐसे हैं, जो लोगों की फेवरेट लिस्ट में शामिल हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक टाइम ऐसा था, जब लता ताई को गाने से दूर होना पड़ा था और उन्होंने करीब एक साल का ब्रेक लिया था. इसके बाद उन्होंने जो गाना गाया था, वो इतना हिट है कि आज भी लोग इस गाने को सुनना पसंद करते हैं. आइए जानते हैं कि ये कौन-सा गाना है?
फिल्म 'बीस साल बाद' का गाना
हम जिस गाने की बात कर रहे हैं, वो कोई और नहीं बल्कि साल 1962 की फिल्म 'बीस साल बाद' से का 'कहीं दीप जले, कहीं दिल' है. यही वो गाना है, जिसके लिए लता मंगेशकर को उनका दूसरा फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. इस गाने के पहले लताजी हाई नोट्स गाते समय महसूस करने लगी थी. इसलिए उन्होंने इंदौर के प्रसिद्ध उस्तार अमीर खान से सलाह पर खामोश होने यानी मौन व्रत की बात मानी, जिससे उन्हें आराम मिला.
एक साल का लिया ब्रेक
लता जी ने इस दौरान लगभग साल भर तक खुद को आराम दिया और गायकी से एकदम दूर हो गई थीं. ये लता ताई के करियर का पीक टाइम था, लेकिन फिर भी उन्होंने धैर्य रखा और पूरी शिद्दत के साथ इस बात को माना. इसका बाद उन्होंने साल 1962 में आई फिल्म 'बीस साल बाद' से कमबैक किया था.
बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड
इस फिल्म का गाना 'कहीं दीप जले कहीं दिल' उनकी पहली रिकॉर्डिंग थी और ये रिकॉर्डिंग सफल रही थी. इस गाने ने इतिहास रच दिया था और लोगों के दिलों को छू लिया था. इसका बाद साल 1963 में लता मंगेशकर को फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड मिला.
फेवरेट हैं लता दीदी के गाने
बता दें कि ये लता जी का दूसरा फिल्मफेयर था (पहला 1959 में मधुमती के 'आजा रे परदेसी' के लिए). यह गाना हॉन्टिंग मेलोडिज की लिस्ट में टॉप पर आता है. भले ही आज लता दीदी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके तमाम गाने ऐसे हैं, जो आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल हैं.
यह भी पढ़ें- 2 घंटे 37 मिनट की वो फिल्म, जिसने दी Dhurandhar को टक्कर, सिनेमाघरों में भी हुई थी हिट
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फिल्म ‘बीस साल बाद’ का गाना
हम जिस गाने की बात कर रहे हैं, वो कोई और नहीं बल्कि साल 1962 की फिल्म ‘बीस साल बाद’ से का ‘कहीं दीप जले, कहीं दिल’ है. यही वो गाना है, जिसके लिए लता मंगेशकर को उनका दूसरा फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. इस गाने के पहले लताजी हाई नोट्स गाते समय महसूस करने लगी थी. इसलिए उन्होंने इंदौर के प्रसिद्ध उस्तार अमीर खान से सलाह पर खामोश होने यानी मौन व्रत की बात मानी, जिससे उन्हें आराम मिला.
एक साल का लिया ब्रेक
लता जी ने इस दौरान लगभग साल भर तक खुद को आराम दिया और गायकी से एकदम दूर हो गई थीं. ये लता ताई के करियर का पीक टाइम था, लेकिन फिर भी उन्होंने धैर्य रखा और पूरी शिद्दत के साथ इस बात को माना. इसका बाद उन्होंने साल 1962 में आई फिल्म ‘बीस साल बाद’ से कमबैक किया था.
बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड
इस फिल्म का गाना ‘कहीं दीप जले कहीं दिल’ उनकी पहली रिकॉर्डिंग थी और ये रिकॉर्डिंग सफल रही थी. इस गाने ने इतिहास रच दिया था और लोगों के दिलों को छू लिया था. इसका बाद साल 1963 में लता मंगेशकर को फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड मिला.
फेवरेट हैं लता दीदी के गाने
बता दें कि ये लता जी का दूसरा फिल्मफेयर था (पहला 1959 में मधुमती के ‘आजा रे परदेसी’ के लिए). यह गाना हॉन्टिंग मेलोडिज की लिस्ट में टॉप पर आता है. भले ही आज लता दीदी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके तमाम गाने ऐसे हैं, जो आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल हैं.
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