नकाबपोश आए, गोली मारी और भाग निकले, Amar Singh Chamkila की मौत का खौफनाक मंजर; ड्राइवर बोला- 15 दिन तक...

Amar Singh Chamkila Driver Ranjeet Singh: पंजाब के मशहूर सिंगर अमर सिंह चमकीला पर बनी बायोपिक देखने के बाद लोगों के मन में सिंगर की मौत को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इस बीच चमकीला के ड्राइवर रणजीत सिंह ने सिंगर की मौत वाला दिन याद करते हुए उस खौफनाक मंजर की आपबीती सुनाई है।

amar singh chamkila

Amar Singh Chamkila And Amarjot Kaur.

Amar Singh Chamkila Driver Ranjeet Singh: बॉलीवुड निर्देशक इम्तियाज अली की बायोपिक अमर सिंह चमकीला को रिलीज हुए काफी दिन हो चुके हैं। इसके बावजूद फिल्म को लेकर सोशल मीडिया बज बना हुआ है। पंजाब के मशहूर सिंगर अमर सिंह पर बनी इस फिल्म को देखने के बाद लोग उनकी निजी जिंदगी के बारे में जानने के लिए काफी उत्सुक हैं। जाहिर है कि साल 1988 में सिंगर को सरेआम गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। इस घटना में उनकी पत्नी अमरजोत कौर भी मारी गई थीं। तब से अब तक इस मर्डर मिस्ट्री को कोई सुलझा नहीं पाया है।

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दरअसल, लोग जानना चाहते हैं कि सिंगर अमर सिंह चमकीला की मौत का असली कातिल कौन था? इस बीच सिंगर के ड्राइवर रणजीत सिंह ने मौत के उस खौफनाक मंजर को याद किया और बताया कि उस आखिरी दिन क्या-क्या हुआ था?

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अचानक शुरू हो गई गोलीबारी

Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, अमर सिंह चमकीला के ड्राइवर रणजीत सिंह ने यूट्यूब पर एक इंटरव्यू में बताया कि जिस दिन सिंगर की मौत हुई थी, उस वक्त वहां सचिव मनकू और ढोलक वादक लाल चंद भी मौजूद थे। शो शुरू होने वाला था, इससे पहले हम सब खाना खा रहे थे। थोड़ी देर बाद मनकू वहां मौजूद ऑडियंस से बातचीत करने चला गया। लोग शो शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही हम सब कार में बैठने चले, तभी अचानक वहां गोलीबारी शुरू हो गई।

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रणजीत सिंह ने आगे बताया, ‘कार की पिछली सीट पर चमकीला बैठते थे फिर उनकी पत्नी अमरजोत और किनारे पर ढोलक वादक लाल चंद, जिन्हें पहले उतरना था। जैसे ही लाल चंद उतरे गोलीबारी शुरू हो गई। इसके बाद गोली चमकीला और अमरजोत को लग गई और वो तुरंत मारे गए। एक गोली लाल चंद को भी लगी थी लेकिन मौके पर वह भागकर खेतों में छिप गया। जब रणजीत से पूछा गया कि क्या गोलीबारी से पहले उन्हें धमकी मिली थी? इसपर उन्होंने कहा, ‘मुझे किसी तरह की धमकी नहीं मिली थी।’

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15 दिन तक नहीं आई नींद

उन्होंने बताया कि गोलीबारी के कुछ देर बाद वहां पुलिस पहुंची। उसके बाद दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया था। रणजीत ने बताया कि उन्होंने ही चमकीला और अमरजोत के शव की पहचान की थी। उन्होंने आगे बताया कि उस दिन का खौफनाक मंजर आज भी उनके दिमाग में घूमता है। उस घटना के बाद उन्हें 15 दिन तक नींद नहीं आई थी। यहां तक कि दोबारा काम शुरू करने में उन्हें काफी समय लग गया था।

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