कब हुई शुरुआत? क्या है असली नाम? Oscars Award से जुड़ी ये बातें नहीं जानते होंगे आप

Oscars Awards 2024: 96वें ऑस्कर अवॉर्ड का सोमवार को आगाज होने वाला है। अकादमी अवॉर्ड्स की गिनती दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में होती है। मगर क्या आप जानते हैं कि इसकी शुरुआत कब और कहां हुई थी? ऑस्कर का असली नाम क्या है? ऑस्कर की ट्रॉफी को क्यों नहीं बेच सकते और क्या वाकई इस ट्रॉफी की कीमत 100 रुपए से भी कम है?

Oscars Awards
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Oscars Awards 2024: 96वें अकादमी अवॉर्ड्स काफी सुर्खियों में हैं। 11 मार्च की सुबह 4 बजे ऑस्कर अवॉर्ड्स का लाइव प्रसारण हुआ। इस साल ऑस्कर 2024 (Oscars Awards 2024) में कई फिल्मों का बोलबाला था। ऑस्कर को मनोरंजन जगत के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में गिना जाता है। मगर क्या आप जानते हैं कि ऑस्कर अवॉर्ड्स की शुरुआत कैसे हुई? कब, और कहां अकादमी अवॉर्ड देने की परंपरा शुरू की? तो आइए जानते हैं ऑस्कर अवॉर्ड से जुड़े कुछ दिलचस्प फैक्ट्स के बारे में।

ऑस्कर का असली नाम
ऑस्कर अवॉर्ड को ज्यादातर लोग ऑस्कर या अकादमी पुरस्कार के नाम से जानते हैं। मगर ऑस्कर का असली नाम ‘अकादमी अवॉर्ड ऑफ मेरिट’ है। मार्गेट हैरी को अकादमी अवॉर्ड की ट्रॉफी उनके अंकल जैसी दिखती थी। जिसके कारण उन्होंने इसका नाम ‘ऑस्कर’ रख दिया।

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ऑस्कर का आयोजन
ऑस्कर अवॉर्ड का सबसे पहला आयोजन 1929 में हुआ था। अमेरिका के हॉलीवुड रोजवेल्ट होटल में ऑस्कर अवॉर्ड समारोह रखा गया था। जिसकी टिकट महज 5 डॉलर थी। वहीं यह समारोह सिर्फ 15 मिनट तक चला था।

ऑस्कर का प्रसारण
अकादमी अवॉर्ड सेरेमनी को पहली बार 1930 में रोडियो पर ऑन एयर किया गया था। जिसके बाद ऑस्कर अवॉर्ड को 1953 में पहली बार टीवी पर दिखाया गया। हालांकि अकादमी अवॉर्ड का रंगीन प्रसारण 1966 में हुआ था। मगर अब ऑस्कर अवॉर्ड की बढ़ती लोकप्रियता के कारण इसे 200 से ज्यादा देशों में लाइव दिखाया जाता है। इसके अलावा कई ऑनलाइन और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी ऑस्कर का लाइव प्रसारण देखा जा सकता है।

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ऑस्कर की ट्रॉफी
अकादमी अवॉर्ड में ट्रॉफी देने की कहानी भी काफी दिलचस्प है। दरअसल सेकेंड वर्ल्ड वॉर के दौरान मेटल की कमी हो गई थी। जिसके चलते अकादमी अवॉर्ड की ट्रॉफी को प्लास्टर से तैयार किया गया था और बाद में इस पर सोने का रंग चढ़ा दिया गया। वहीं 1938 में पहली और आखिरी बार ऑस्कर की ट्रॉफी को लकड़ी से बनाया गया था। 1938 के ऑस्कर समारोह के दौरान अमेरिकी एक्टर Edgar Bergen को सम्मानित करते हुए यही लकड़ी की ट्रॉफी दी गई थी।

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ट्रॉफी की कीमत 1 डॉलर
ऑस्कर अवॉर्ड की ट्रॉफी से जुड़ी एक दिलचस्प बात यह भी है कि इसे कोई चाहकर भी नहीं बेच सकता है। दरअसल ऑस्कर देने से पहले सेलेब्स से एक एग्रीमेंट साइन करवाया जाता है। जिसके अनुसार कोई भी व्यक्ति ऑस्कर की ट्रॉफी को बेच नहीं सकता है। अगर वो ऐसा करता है तो ट्रॉफी पर से उसका मालिकाना हक खत्म हो जाता है। हालांकि अगर वो व्यक्ति चाहे तो सिर्फ अकादमी को ही यह ट्रॉफी वापस कर सकता है। जिसकी कीमत महज 1 डॉलर होगी। यह नियम 1950 में लागू हुआ था। जो कि अभी तक चल रहा है।

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ऑस्कर में कैसे होता है नॉमिनेशन
1929 में अकादमी पुरस्कार से तीन महीने पहले विजेताओं की लिस्ट जारी कर दी गई थी। मगर 1930 से यह परंपरा बदली और अवॉर्ड समारोह की रात 11 बजे विजेताओं का नाम मीडिया को दिया जाता था। हालांकि 1941 से एक नई परंपरा का आगाज हुआ। जिसके तहत ऑस्कर अवॉर्ड से पहले नॉमिनेशन लिस्ट जारी की जाती है और अवॉर्ड समारोह के दौरान बंद लिफाफे से विनर के नाम का खुलासा होता है। ऑस्कर अवॉर्ड में नॉमिनेट होने के लिए फिल्म कम से कम 40 मिनट की होनी चाहिए। इसी के साथ कई अन्य पैरामीटर्स की भी जांच होती है।

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