राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो रिश्तों को शर्मसार करने वाला है. अंजू नाम की एक महिला ने अपने पूर्व प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी. इस छिपाने के लिए पत्नी ने झूठे एक्सीडेंट और लूटपाट की कहानी रची थी. लेकिन पुलिस की पूछताछ में वह टूट गई और पूरा सच उगल दिया. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस को सुनाई ये कहानी
अंजू ने पुलिस को बताया कि वह अपने पति आशीष के साथ टहलने गई थी. तभी उन्हें एक वाहन ने टक्कर मार दी. जिसमें आशीष की मौत हो गई. इसके साथ ही अंजू ने बताया कि टक्कर मारने वाले उसके जेवर भी लूट ले गए और उसे सड़क पर बेहोश छोड़ गए.
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस को 30 जनवरी की रात करीब 9 बजे सूचना मिली कि एक जोड़ा सड़क पर बेहोश पड़ा है. पुलिस ने वहां पहुंचकर जोड़े को अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों ने आशीष को मृत घोषित कर दिया. मेडिकल रिपोर्ट में आशीष के शरीर पर चोट के निशान मिले थे, जिससे लगा कि उसका गला घोंटा गया है. दूसरी ओर, अंजू को कोई भी चोट नहीं लगी थी. अंजू की फोन डिटेल्स निकाली गई तो उसमें संजू से लगातार संपर्क की जानकारी मिली. अंजू बार-बार अपने बयान बदल रही थी.
ऐसे रची साजिश
अंजू, आशीष के साथ शादी से नाखुश थी. शादी के तुरंत बाद वह मायके चली गई थी. वहां उसने अपने पूर्व प्रेमी संजू के साथ संबंध फिर से शुरू किए . इस दौरान दोनों ने मिलकर आशीष की हत्या की साजिश रची.
30 जनवरी की रात, अंजू आशीष को टहलने के बहाने एक सुनसान सड़क पर ले गई. जहां तीन हमलावर - संजू और उसके साथी रॉकी (रोहित) और बादल (सिद्धार्थ) — झाड़ियों में छिपे थे. उन्होंने उस पर बेरहमी से हमला किया, उसका गला घोंटा और फिर इसे सड़क हादसे के रूप में दिखाने की कोशिश की. अंजू ने अपना फोन और झुमके आरोपियों को दे दिए ताकि यह लूट का मामला लगे. हमले के बाद उसने बेहोश होने का नाटक किया.
राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो रिश्तों को शर्मसार करने वाला है. अंजू नाम की एक महिला ने अपने पूर्व प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी. इस छिपाने के लिए पत्नी ने झूठे एक्सीडेंट और लूटपाट की कहानी रची थी. लेकिन पुलिस की पूछताछ में वह टूट गई और पूरा सच उगल दिया. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस को सुनाई ये कहानी
अंजू ने पुलिस को बताया कि वह अपने पति आशीष के साथ टहलने गई थी. तभी उन्हें एक वाहन ने टक्कर मार दी. जिसमें आशीष की मौत हो गई. इसके साथ ही अंजू ने बताया कि टक्कर मारने वाले उसके जेवर भी लूट ले गए और उसे सड़क पर बेहोश छोड़ गए.
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस को 30 जनवरी की रात करीब 9 बजे सूचना मिली कि एक जोड़ा सड़क पर बेहोश पड़ा है. पुलिस ने वहां पहुंचकर जोड़े को अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों ने आशीष को मृत घोषित कर दिया. मेडिकल रिपोर्ट में आशीष के शरीर पर चोट के निशान मिले थे, जिससे लगा कि उसका गला घोंटा गया है. दूसरी ओर, अंजू को कोई भी चोट नहीं लगी थी. अंजू की फोन डिटेल्स निकाली गई तो उसमें संजू से लगातार संपर्क की जानकारी मिली. अंजू बार-बार अपने बयान बदल रही थी.
ऐसे रची साजिश
अंजू, आशीष के साथ शादी से नाखुश थी. शादी के तुरंत बाद वह मायके चली गई थी. वहां उसने अपने पूर्व प्रेमी संजू के साथ संबंध फिर से शुरू किए . इस दौरान दोनों ने मिलकर आशीष की हत्या की साजिश रची.
30 जनवरी की रात, अंजू आशीष को टहलने के बहाने एक सुनसान सड़क पर ले गई. जहां तीन हमलावर – संजू और उसके साथी रॉकी (रोहित) और बादल (सिद्धार्थ) — झाड़ियों में छिपे थे. उन्होंने उस पर बेरहमी से हमला किया, उसका गला घोंटा और फिर इसे सड़क हादसे के रूप में दिखाने की कोशिश की. अंजू ने अपना फोन और झुमके आरोपियों को दे दिए ताकि यह लूट का मामला लगे. हमले के बाद उसने बेहोश होने का नाटक किया.