अगर आप भी अपने माता-पिता या किसी रिश्तेदार को किराया देकर HRA (House Rent Allowance) क्लेम करते हैं, तो सावधान हो जाइए. क्योंकि 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स के नियम और भी सख्त होने जा रहे हैं. अब सिर्फ रेंट एग्रीमेंट और पैन (PAN) देना काफी नहीं होगा. आइए, समझते हैं कि नए नियमों में क्या बदलाव होने वाले हैं और आपको किन बातों का ध्यान रखना होगा:
अब छुपाए नहीं छुपेंगे रिश्ते
इनकम टैक्स नियम 2026 के नए ड्राफ्ट के अनुसार, अब HRA क्लेम करते समय आपको फॉर्म में मकान मालिक के साथ अपना संबंध (Relationship) स्पष्ट रूप से डिक्लेयर करना होगा. यदि मकान मालिक आपका माता-पिता, भाई-बहन या कोई अन्य करीबी रिश्तेदार है, तो इसे बताना अनिवार्य होगा.
क्यों सख्त हो रहे हैं नियम?
सरकार का उद्देश्य डेटा को अधिक पारदर्शी बनाना है. अक्सर देखा गया है कि लोग टैक्स बचाने के लिए फर्जी रेंट रसीदें जमा करते हैं. नया सिस्टम यह सुनिश्चित करेगा कि लेनदेन वास्तविक है या सिर्फ कागजों पर.
रेंट एग्रीमेंट और रसीद अब काफी नहीं
1 अप्रैल से सिर्फ किराया और मकान मालिक का PAN भर देने से काम नहीं चलेगा. अगर आप रिश्तेदारों को किराया दे रहे हैं, तो आपके पास पुख्ता सबूत होने चाहिए. इनकम टैक्स विभाग कभी भी पूछताछ कर सकता है कि क्या वास्तव में वह व्यक्ति वहां रहता है और किराया लेता है.
बैंकिंग ट्रांजैक्शन है सबसे सुरक्षित
रिश्तेदारों को किराए का भुगतान हमेशा चेक या नेट बैंकिंग (UPI/NEFT) के जरिए करें. नकद (Cash) में दिया गया किराया जांच के घेरे में आ सकता है. बैंक स्टेटमेंट आपके दावे को साबित करने का सबसे बड़ा सबूत होगा.
मकान मालिक की इनकम में दिखना चाहिए किराया
आप जो किराया दे रहे हैं, वह आपके रिश्तेदार (मकान मालिक) की इनकम में Income from House Property के रूप में दिखना चाहिए. अगर आप HRA क्लेम कर रहे हैं और मकान मालिक ने वह किराया अपनी IT रिटर्न में नहीं दिखाया, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जेनरेट करेगा और आपको टैक्स नोटिस मिल सकता है.
लापरवाही की तो भारी जुर्माना
नियमों की अनदेखी करने या गलत जानकारी देने पर न केवल आपका HRA क्लेम खारिज हो सकता है, बल्कि टैक्स चोरी के आरोप में भारी जुर्माना भी लग सकता है. इसलिए, 1 अप्रैल से पहले अपने सभी दस्तावेज और जानकारी सही तरीके से तैयार कर लें.
पारदर्शिता ही बचाव है
रिश्तेदारों को किराया देना कानूनी रूप से गलत नहीं है, बशर्ते वह लेनदेन वास्तविक हो. सरकार के नए नियमों का पालन करके आप बिना किसी डर के टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं.










