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शेयर बाजार फ‍िर क्रैश, 4 द‍िन में 2700 अंक टूटा सेंसेक्स, निवेशकों के डूबे 11 लाख करोड़ रुपये

Share Market Today: आज सेंसेक्‍स 700 अंक गिरकर 75,276 के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी पीछे नहीं रहा और इसमें भी 3% की गिरावट आई है, जो आज 23,618 के स्तर तक लुढ़क गया।

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Share Market Crash Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला एक हफ्ता किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। मंगलवार, 12 मई को लगातार चौथे सत्र में बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। दलाल स्ट्रीट पर मची इस भगदड़ ने निवेशकों की गाढ़ी कमाई के 11 लाख करोड़ रुपये स्वाहा कर दिए हैं।

पिछले 4 सत्र में सेंसेक्स 2700 अंक (3%) से ज्यादा टूट चुका है। आज यह 700 अंक गिरकर 75,276 के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी पीछे नहीं रहा और इसमें भी 3% की गिरावट आई है, जो आज 23,618 के स्तर तक लुढ़क गया। BSE में लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू 6 मई के ₹473 लाख करोड़ से गिरकर आज ₹462 लाख करोड़ पर आ गई। यानी महज 4 दिनों में ₹11 लाख करोड़ का नुकसान हो गया है.

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बाजार गिरने की वो 5 वजहें, जिन्होंने बढ़ाई टेंशन

अमेरिका-ईरान के बीच उम्मीद और निराशा का खेल
मार्केट सेंटीमेंट इस समय पूरी तरह से अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव पर टिका है। कई कूटनीतिक कोशिशों और युद्धविराम (Ceasefire) के बावजूद अभी तक किसी शांति समझौते (Peace Deal) पर मुहर नहीं लग पाई है। इसी अनिश्चितता के कारण जैसे ही बाजार थोड़ा ऊपर उठता है, निवेशक डर के मारे प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर देते हैं।

कच्चे तेल की सेंचूरी ने बिगाड़ा खेल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड पिछले दो महीनों से $100 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। भारत के लिए यह सबसे बुरी खबर है क्योंकि तेल महंगा होने से देश की आर्थिक रफ्तार सुस्त हो जाती है, राजकोषीय घाटा बढ़ता है और महंगाई (Inflation) बेकाबू होने लगती है।

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रुपये का ऐतिहासिक पतन
मंगलवार को भारतीय रुपया 35 पैसे टूटकर ₹95.63 के अब तक के सबसे निचले स्तर (Record Low) पर पहुँच गया। इस साल की शुरुआत में रुपया ₹90 के पास था, लेकिन अब तक इसमें 6% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों (FPI) को भारत से पैसा निकालने पर मजबूर कर रहा है।

विदेशी पूंजी की निकासी
मजबूत डॉलर और भारत में बढ़ते आर्थिक जोखिमों को देखते हुए विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार अपना पैसा निकालकर सुरक्षित बाजारों में ले जा रहे हैं, जिससे बाजार को संभलने का मौका नहीं मिल रहा है।

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महंगाई का बढ़ता डर
तेल और डॉलर के महंगे होने का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ने वाला है। रिटेल महंगाई बढ़ने की आशंका ने निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है, जिससे वे जोखिम लेने से बच रहे हैं।

First published on: May 12, 2026 10:20 AM

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About the Author

Vandana Bharti

BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 में बतौर DNE नई शुरुआत करने से पहले मैं, News18 में कॉन्‍ट्रीब्‍यूटर रही. DU के खालसा कॉलेज और YMCA (2005-06) से पढ़ाई करने के बाद मैंने साल 2007 में दैन‍िक जागरण अखबार (फीचर) से अपने कर‍ियर की शुरुआत की. फ‍िर देशबंधु (ब‍िजनेस पेज), ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार (ब‍िजनेस पेज), Aaj Tak ड‍िजिटल (कर‍ियर), News18 ड‍िज‍िटल (कर‍ियर), India.com (कर‍ियर और लाइफस्‍टाइल), Zee News ड‍िज‍िटल (लाइफस्‍टाइल और कर‍ियर) आद‍ि में काम कर चुकी हूं.

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BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 में बतौर DNE नई शुरुआत करने से पहले मैं, News18 में कॉन्‍ट्रीब्‍यूटर रही. DU के खालसा कॉलेज और YMCA (2005-06) से पढ़ाई करने के बाद मैंने साल 2007 में दैन‍िक जागरण अखबार (फीचर) से अपने कर‍ियर की शुरुआत की. फ‍िर देशबंधु (ब‍िजनेस पेज), ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार (ब‍िजनेस पेज), Aaj Tak ड‍िजिटल (कर‍ियर), News18 ड‍िज‍िटल (कर‍ियर), India.com (कर‍ियर और लाइफस्‍टाइल), Zee News ड‍िज‍िटल (लाइफस्‍टाइल और कर‍ियर) आद‍ि में काम कर चुकी हूं.

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