Shubham Upadhyay
Business Journalist
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SBI Card News: जब से RBI ने कंज्यूमर लोन में रिस्क वेटेज को बढ़ाया है तभी से SBI कार्ड के शेयर 8 फीसदी नीचे गिर चुके हैं। शुक्रवार का दिन कंपनी के लिए लोएस्ट दिन रहा है। आपको बताते चलें कि बीते हफ्ते RBI ने कंज्यूमर लोन पर रिस्क वेटेज को बढ़ा दिया था, जो लैंडर्स के साथ NBFC और क्रेडिट कार्ड कंपनी के लिए था। ये आदेश इसलिए आया था क्योंकि देश का रिजर्व बैंक चाहता था कि अनसिक्योर्ड लोन देने की दर में कुछ हद तक कमी आए। जिससे बैंकों के लिए कैपिटल रिजर्व बढ़ाना पड़ा, क्योंकि अनसिक्योर्ड लोन देने की कॉस्ट बढ़ रही थी।

Photo Credit: Google
यानी एक तरफ फेस्टिव सीजन ने क्रेडिट कार्ड के खर्चे को बढ़ाया, आंकड़ों की बात करें तो ये खर्चा 1.79 ट्रिलियन डॉलर का रहा। जिसमें इयर टू इयर 37.9 फीसदी की ग्रोथ के साथ 25.4 दर महीने से महीने में खर्चा बढ़ा था। यानी कह सकते हैं कि RBI के उस फैसले से SBI कार्ड के लिए बाजार में सोच अच्छी नहीं रह पाई है।
ब्रोकर फर्म InCredit Equities के अनुसार, प्राइवेट बैंक भी इस नियम से नहीं बच पाएंगे। उनके 5 फीसदी नेट लोन पर इसका असर पड़ेगा। वहीं SBI कार्ड पर इसका 100 फीसदी इंपैक्ट देखने को मिल सकता है। यहां तक कि मार्केट शेयर के साथ इसके मार्जिन भी कम रह सकते हैं।
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InCredit Equities की रिपोर्ट आगे बताती है कि बैंकों से उधार की बात करें तो SBI कार्ड 77 फीसदी बैंकों से उधारी लेता है। जो आने वाले समय में इस रिस्क वेटेज के बढ़ने के बाद महंगा हो सकता है। ये बात बिल्कुल ठीक है कि जैसे-जैसे बैंक के लिए फंड महंगा होगा वैसे ही ग्राहकों के लिए लोन लेना महंगा हो जाएगा। साथ में क्रेडिट कार्ड की बिक्री पर भी असर पड़ेगा ही। पर अभी बीते दिन RBI की तरफ से जानकारी दी गई कि जिस हिसाब से अनसिक्योर्ड लोन बैंक दे रहे थे, तो रिस्क वेटेज बढ़ाना जरूरी था।
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